देवी कवचम्
देवी महात्म्य का 28 श्लोकीय कवच — सृष्टि के प्रत्येक रूप में देवी का आह्वान। नवरात्रि में सप्तशती पाठ से पहले पढ़ा जाता है; भय निवारण और राहु से रक्षा हेतु।

चौपाई 1
नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः। नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥
Namo devyai mahadevyai shivayai satatam namah. Namah prakrityai bhadrayai niyatah pranatah sma tam.
महादेवी, शिवा, प्रकृति और भद्रा को नियत प्रणाम।
चौपाई 2
रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः। ज्योत्स्नायै चेन्दुरूपिण्यै सुखायै सततं नमः॥
Raudrayai namo nityayai gauryai dhatryai namo namah. Jyotsnayai chendu-rupinyai sukhayai satatam namah.
रौद्रा, नित्या, गौरी, धात्री, ज्योत्स्ना, चन्द्ररूपिणी और सुख को नमस्कार।
चौपाई 3
कल्याण्यै प्रणतां वृद्ध्यै सिद्ध्यै कूर्मो नमो नमः। नैर्ऋत्यै भूभृतां लक्ष्म्यै शर्वाण्यै ते नमो नमः॥
Kalyanyai pranatam vriddhyai siddhyai kurmo namo namah. Nairrityai bhubhritam lakshmyai sharvanyai te namo namah.
कल्याणी, वृद्धि, सिद्धि, कूर्म, नैर्ऋति, भूभृत लक्ष्मी और शर्वाणी को नमस्कार।
चौपाई 4
दुर्गायै दुर्गपारायै सारायै सर्वकारिण्यै। ख्यात्यै तथैव कृष्णायै धूम्रायै सततं नमः॥
Durgayai durgaparayai sarayai sarvakarinyai. Khyatyai tathaiva krishnayai dhumrayai satatam namah.
दुर्गा, दुर्गपारा, सारा, सर्वकारिणी, ख्याति, कृष्णा और धूम्रा को नमस्कार।
चौपाई 5
अतिसौम्यातिरौद्रायै नतास्तस्यै नमो नमः। नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै कृत्यै नमो नमः॥
Atisaumyati-raudrayai natastasyai namo namah. Namo jagat-pratishthayai devyai krityai namo namah.
अतिसौम्या और अतिरौद्रा, जगत्प्रतिष्ठा और कृत्या देवी को नमस्कार।
चौपाई 6
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Vishnu-mayeti shabdita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो सब प्राणियों में विष्णुमाया कहलाती हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 7
या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Chetanety-abhidhiyate. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो सब प्राणियों में चेतना कहलाती हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 8
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Buddhi-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो बुद्धि रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 9
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Nidra-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो निद्रा रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 10
या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Kshudha-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो क्षुधा रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 11
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Chhaya-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो छाया रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 12
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Shakti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो शक्ति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 13
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Trishna-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो तृष्णा रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 14
या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Kshanti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो क्षान्ति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 15
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Jati-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो जाति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 16
या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Lajja-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो लज्जा रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 17
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Shanti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो शान्ति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 18
या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Shraddha-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो श्रद्धा रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 19
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Kanti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो कान्ति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 20
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Lakshmi-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो लक्ष्मी रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 21
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Vritti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो वृत्ति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 22
या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Smriti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो स्मृति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 23
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Daya-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो दया रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 24
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Tushti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो तुष्टि रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 25
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Matri-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो मातृ रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 26
या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarva-bhuteshu Bhranti-rupena samsthita. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो भ्रान्ति रूप में स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
चौपाई 27
इन्द्रियाणामधिष्ठात्री भूतानां चाखिलेषु या। भूतेषु सततं तस्यै व्याप्तिदेव्यै नमो नमः॥
Indriyanam adhishthatri bhutanam chakhileshu ya. Bhuteshu satatam tasyai vyapti-devyai namo namah.
इन्द्रियों और सब भूतों की अधिष्ठात्री, व्याप्तिदेवी को नमस्कार।
चौपाई 28
चितिरूपेण या कृत्स्नमेतद्व्याप्य स्थिता जगत्। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Chiti-rupena ya kritsnam etad vyapya sthita jagat. Namas-tasyai namas-tasyai namas-tasyai namo namah.
जो चिति रूप से सम्पूर्ण जगत् को व्याप्त कर स्थित हैं — उन्हें बारंबार नमस्कार।
देवी कवचम् के बारे में
देवी कवचम् हिंदू परंपरा का अत्यंत पवित्र स्तोत्र है, जो माँ दुर्गा को समर्पित है। इसके नियमित पाठ से भक्तों को दिव्य कृपा, मानसिक स्थिरता और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा प्राप्त होती है।
- राहु ग्रह उपाय: वैदिक ज्योतिष में इस पाठ को राहु महादशा, अंतर्दशा या कठिन गोचर के दौरान ग्रह ऊर्जा को संतुलित करने के लिए सुझाया जाता है।
पाठ के लाभ
- देवी महात्म्य का प्रथम अंग — सप्तशती से पहले की दिव्य कवच
- 28 रूपों में सृष्टि में व्याप्त देवी का आह्वान
- 'या देवी सर्वभूतेषु' श्लोक चेतना, बुद्धि, शक्ति आदि में देवी का वर्णन
- भय निवारण, साहस और कठिन गोचर में मानसिक स्थिरता
शुभ समय और विधि
नवरात्रि सप्तशती पाठ की शुरुआत में — अर्गला से पहले। मंगलवार और शुक्रवार को प्रातः स्नान के बाद पढ़ें। अर्गला स्तोत्र और महिषासुर मर्दिनि के साथ पूरा नवरात्रि पाठ करें।
ज्योतिषीय महत्व
नियमित पाठ मन को धार्मिक अनुशासन से जोड़ता है — जो सभी वैदिक उपायों की नींव है। भय के बजाय ईमानदार आचरण, सेवा और निरंतरता के साथ इसका अभ्यास करें।