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अंतिम अपडेट:द्वारा Rahul Arya

सूर्य अष्टकम् हिंदी लिरिक्स — Surya स्तोत्र का पाठ

भगवान सूर्य — वैदिक ज्योतिष के प्रत्यक्ष देवता और आत्मा-कारक — की आठ श्लोकीय स्तुति। रविवार और मकर संक्रांति को सूर्योदय पर ग्रह पीड़ा नाश और स्वास्थ्य हेतु पाठ।

सूर्य अष्टकम् — Surya Vedic Stotra with lyrics, meaning and benefits

चौपाई 1

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर। दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥

Adideva namastubhyam prasida mama bhaskara. Divakara namastubhyam prabhakara namostu te.

हे आदिदेव, भास्कर — मुझ पर प्रसन्न हों। दिवाकर, प्रभाकर — आपको नमस्कार।

चौपाई 2

सप्ताश्वरथमारूढं प्रचण्डं कश्यपात्मजम्। श्वेतपद्मधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥

Saptashvaratham arudham prachandam kashyapatmajam. Shvetapadmadharam devam tam suryam pranamamyaham.

सप्ताश्व रथारूढ, प्रचण्ड, कश्यपात्मज, श्वेतपद्मधारी सूर्य को प्रणाम।

चौपाई 3

लोहितं रथमारूढं सर्वलोकपितामहम्। महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥

Lohitam ratham arudham sarvalokapitamaham. Mahapapaharam devam tam suryam pranamamyaham.

लोहित रथारूढ, सर्वलोक पितामह, महापापहर सूर्य को प्रणाम।

चौपाई 4

त्रैगुण्यं च महाशूरं ब्रह्मविष्णुमहेश्वरम्। महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥

Traigunyam cha mahashuram brahmavishnumaheshvaram. Mahapapaharam devam tam suryam pranamamyaham.

त्रैगुण्य, महाशूर, ब्रह्म-विष्णु-महेश्वर, महापापहर सूर्य को प्रणाम।

चौपाई 5

बृंहितं तेजसां पुञ्जं वायुमाकाशमेव च। प्रभुं च सर्वलोकानां तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥

Brimhitam tejasam punjam vayumakashameva cha. Prabhum cha sarvalokanam tam suryam pranamamyaham.

तेजों का पुञ्ज, वायु-आकाश स्वरूप, सर्वलोक प्रभु सूर्य को प्रणाम।

चौपाई 6

बन्धूकपुष्पसङ्काशं हारकुण्डलभूषितम्। एकचक्रधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥

Bandhukapushpasankasham harakundalabhushitam. Ekachakradharam devam tam suryam pranamamyaham.

बन्धूकपुष्प समान, हार-कुण्डल भूषित, एकचक्रधारी सूर्य को प्रणाम।

चौपाई 7

विश्वेशं विश्वकर्ताणं महातेजःप्रदीपनम्। महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥

Vishvesham vishvakartaram mahatejahpradipanam. Mahapapaharam devam tam suryam pranamamyaham.

विश्वेश, विश्वकर्ता, महातेजःप्रदीपक, महापापहर सूर्य को प्रणाम।

चौपाई 8

तं सूर्यं जगतां नाथं ज्ञानविज्ञानमोक्षदम्। महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥

Tam suryam jagatanam natham jnanavijnanamokshadam. Mahapapaharam devam tam suryam pranamamyaham.

जगन्नाथ, ज्ञान-विज्ञान-मोक्षदाता, महापापहर सूर्य को प्रणाम।

चौपाई phalashruti

सूर्याष्टकं पठेन्नित्यं ग्रहपीडाप्रणाशनम्। अपुत्रो लभते पुत्रं दरिद्रो धनवान् भवेत्॥ स्त्रीतैलमधुमांसानि ये त्यजन्ति रवेर्दिने। न व्याधिः शोकदारिद्र्यं सूर्यलोकं स गच्छति॥

Suryashtakam pathennityam grahapidapranashanam. Aputro labhate putram daridro dhanavan bhavet. Stritailamadhumamsani ye tyajanti raverdine. Na vyadhih shokadaridryam suryalokam sa gachchhati.

नित्य पाठ से ग्रहपीड़ा नाश; अपुत्र को पुत्र, दरिद्र को धन। रविवार को तैल-मधु-मांस त्याग करने वाला रोग-शोक-दारिद्र्य रहित सूर्यलोक जाता है।

सूर्य अष्टकम् के बारे में

सूर्य अष्टकम् हिंदू परंपरा का अत्यंत पवित्र स्तोत्र है, जो भगवान सूर्य को समर्पित है। इसके नियमित पाठ से भक्तों को दिव्य कृपा, मानसिक स्थिरता और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा प्राप्त होती है।

  • सूर्य ग्रह उपाय: वैदिक ज्योतिष में इस पाठ को सूर्य महादशा, अंतर्दशा या कठिन गोचर के दौरान ग्रह ऊर्जा को संतुलित करने के लिए सुझाया जाता है।

पाठ के लाभ

  • फलश्रुति अनुसार सभी ग्रहपीड़ा नाश
  • स्वास्थ्य, तेज और त्वचा-नेत्र रोग में राहत
  • कमजोर सूर्य और सूर्य महादशा में बल
  • अपुत्र को संतान, दरिद्र को धन — नित्य पाठ

शुभ समय और विधि

रविवार को सूर्योदय पर पूर्व मुख कर पढ़ें। ताम्र कलश से अर्घ्य दें, लाल फूल अर्पित करें। मकर संक्रांति और रथ सप्तमी में विशेष फल। आदित्य हृदयम् से जोड़ें।

ज्योतिषीय महत्व

नियमित पाठ मन को धार्मिक अनुशासन से जोड़ता है — जो सभी वैदिक उपायों की नींव है। भय के बजाय ईमानदार आचरण, सेवा और निरंतरता के साथ इसका अभ्यास करें।

सूर्य अष्टकम् किन पर्वों में पढ़ा जाता है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य अष्टकम् क्या है?

भगवान सूर्य — वैदिक ज्योतिष के प्रत्यक्ष देवता और आत्मा-कारक — की आठ श्लोकीय स्तुति। रविवार और मकर संक्रांति को सूर्योदय पर ग्रह पीड़ा नाश और स्वास्थ्य हेतु पाठ।

सूर्य अष्टकम् का पाठ हिंदी और अंग्रेज़ी में कहाँ पढ़ें?

इस पृष्ठ पर सूर्य अष्टकम् का पूरा पाठ मूल हिंदी (देवनागरी) में, अंग्रेज़ी लिप्यंतरण और अंग्रेज़ी अनुवाद के साथ दिया गया है। संयुक्त दृश्य में तीनों साथ दिखते हैं, ताकि आप पढ़ सकें, याद कर सकें और पाठ कर सकें।

सूर्य अष्टकम् किसे समर्पित है?

सूर्य अष्टकम् Surya को समर्पित है। वैदिक ज्योतिष में इसे Surya से भी जोड़ा जाता है।

मेरी कुंडली के लिए कौन-सा स्तोत्र उचित है?

स्तोत्र और मंत्र पारंपरिक रूप से कुंडली और चल रही दशा के अनुसार चुने जाते हैं। राहुल आर्य के साथ व्यक्तिगत परामर्श में आपकी कुंडली देखकर बताया जाता है कि कौन-सा पाठ आपके लिए उपयुक्त है।

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