वैदिक पुस्तकालय

पवित्र स्तोत्र और चालीसा

ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने और दैवीय सुरक्षा के लिए शक्तिशाली वैदिक प्रार्थनाएं, स्तोत्र और मंत्र।

श्रेणी
ग्रह
देवता
महालक्ष्मी अष्टकम् (लक्ष्मी अष्टकम्) अर्थ सहित
स्तोत्रLakshmiShukra

महालक्ष्मी अष्टकम् (लक्ष्मी अष्टकम्) अर्थ सहित

महालक्ष्मी अष्टकम् (नमस्तेऽस्तु महामाये) का संस्कृत पाठ, हर श्लोक का हिंदी अर्थ, पारंपरिक लाभ और शुक्रवार व दिवाली पर पाठ की विधि।

कालभैरवाष्टकम्
स्तोत्रShiva

कालभैरवाष्टकम्

आदि शंकराचार्य द्वारा रचित काशी के रक्षक भगवान कालभैरव को समर्पित 8 श्लोकों का शक्तिशाली स्तोत्र। यह भय, दरिद्रता, लोभ और अहंकार का नाश करता है और आध्यात्मिक अनुशासन एवं मोक्ष प्रदान करता है।

हनुमान जी की आरती
स्तोत्रHanumanMangalShani

हनुमान जी की आरती

हनुमान जी की प्रसिद्ध आरती 'आरती कीजै हनुमान लला की'। यह उनके पराक्रम, अतुलित बल, श्रीराम भक्ति और संकटमोचक रूप का गुणगान करती है।

श्री राम जी की आरती
स्तोत्रRamaSurya

श्री राम जी की आरती

भगवान श्री राम को समर्पित पारंपरिक आरती 'आरती कीजै श्री रघुवर जी की'। यह उनके कल्याणकारी रूप, भक्तों के प्रति वात्सल्य और दुष्टों के संहारक रूप की वंदना करती है।

श्री राम स्तुति
स्तोत्रRamaSurya

श्री राम स्तुति

गोस्वामी तुलसीदास कृत विनय पत्रिका से संकलित पांच श्लोकीय श्री राम स्तुति। यह भगवान राम की अलौकिक छवि, करुणा और दिव्यता का गान करती है और सांसारिक भयों का नाश करती है।

रुद्राष्टकम्
स्तोत्रShivaShani

रुद्राष्टकम्

गोस्वामी तुलसीदास के आठ श्लोक — निर्गुण ब्रह्म से गंगाधर नीलकण्ठ तक शिव की स्तुति। सोमवार, श्रावण और महाशिवरात्रि को शांति, कृपा और जन्म-दुःख मोक्ष हेतु पाठ।

विष्णु सहस्रनाम
स्तोत्रVishnuGuru

विष्णु सहस्रनाम

महाभारत का विष्णु के हजार पवित्र नाम — भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को प्रदत्त। परम गुरु (बृहस्पति) उपाय; गुरुवार, एकादशी और विष्णु पूजा में ज्ञान, रक्षा और मोक्ष हेतु पाठ।

अर्गला स्तोत्रम्
स्तोत्रDurgaRahu

अर्गला स्तोत्रम्

देवी महात्म्य का अर्गला स्तोत्र (रूपं देहि जयं देहि) — दुर्गा सप्तशती पाठ का अंग। नवरात्रि में देवी कवच के बाद पढ़ा जाता है; राहु और भय से रक्षा हेतु शक्तिशाली।

देवी कवचम्
स्तोत्रDurgaRahu

देवी कवचम्

देवी महात्म्य का 28 श्लोकीय कवच — सृष्टि के प्रत्येक रूप में देवी का आह्वान। नवरात्रि में सप्तशती पाठ से पहले पढ़ा जाता है; भय निवारण और राहु से रक्षा हेतु।

आदित्य हृदयम्
स्तोत्रSuryaSurya

आदित्य हृदयम्

वाल्मीकि रामायण युद्ध काण्ड का 31 श्लोकीय सूर्य स्तोत्र, जो अगस्त्य ऋषि ने रावण युद्ध से पूर्व राम को दिया। वैदिक ज्योतिष में विजय, स्वास्थ्य और सूर्य महादशा का सर्वोत्तम उपाय।

श्री बजरंग बाण
स्तोत्रHanumanMangalShani

श्री बजरंग बाण

बजरंग बाण गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान जी की एक अत्यंत शक्तिशाली और अचूक स्तुति है। यह भय, संकट, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से तुरंत सुरक्षा के लिए पढ़ा जाता है।

बुध चालीसा
चालीसाBudhBudh

बुध चालीसा

बुध चालीसा बुध देव (बुध ग्रह) को समर्पित भक्ति पाठ है। बुधवार, बुध महादशा या पीड़ित बुध में पाठ करने से वैदिक ज्योतिष में बुद्धि, वाणी और व्यापार सफलता मिलती है।

चन्द्र अष्टकम् (चन्द्र स्तोत्रम्)
स्तोत्रChandraChandra

चन्द्र अष्टकम् (चन्द्र स्तोत्रम्)

स्कन्द पुराण के आठ श्लोक जो चन्द्र देव — वैदिक ज्योतिष के मन-कारक — की स्तुति करते हैं। सोमवार को मानसिक शान्ति और कमजोर चन्द्र उपाय हेतु पाठ किया जाता है।

दशरथ कृत शनि स्तोत्रम्
स्तोत्रShaniShani

दशरथ कृत शनि स्तोत्रम्

राजा दशरथ ने शनि देव को प्रसन्न करने के लिए यह ग्यारह श्लोकीय स्तोत्र रचा था। साढ़े साती और शनि महादशा में शनिवार को पाठ किया जाता है — वैदिक ज्योतिष का सर्वाधिक विश्वसनीय शनि उपाय।

दुर्गा चालीसा
चालीसाDurgaRahu

दुर्गा चालीसा

दुर्गा चालीसा माँ दुर्गा को समर्पित 40 छंदों का भक्ति पाठ है। वैदिक ज्योतिष में राहु महादशा, राहु गोचर और भय-संकट के समय दुर्गा पूजन शक्तिशाली उपाय माना जाता है।

गणेश अथर्वशीर्ष
स्तोत्रGaneshaKetu

गणेश अथर्वशीर्ष

अथर्ववेद का गणपति अथर्वशीर्ष उपनिषद् — गणेश को परब्रह्म घोषित करने वाला पवित्र मंत्र। विघ्ननिवारण और बुध (मर्करी) ग्रह को बल देने के लिए वैदिक ज्योतिष में प्रसिद्ध।

गणेश चालीसा
चालीसाGaneshaKetu

गणेश चालीसा

गणेश चालीसा विघ्नहर्ता गणेश को समर्पित भक्ति पाठ है। नए कार्य, परीक्षा और शुभ कर्म से पूर्व पढ़ा जाता है — विघ्न दूर कर बुद्धि बढ़ाता है।

गायत्री चालीसा
चालीसाGayatriSurya

गायत्री चालीसा

गायत्री चालीसा वेदमाता गायत्री को समर्पित 40 छंदों का स्तोत्र है। वैदिक ज्योतिष में यह सूर्य उपाय, आध्यात्मिक ज्ञान और सूर्य महादशा के लिए सर्वोत्तम पाठ माना जाता है।

गायत्री मंत्र (व्याहृतियों सहित)
मंत्रSavitri (Surya)Surya

गायत्री मंत्र (व्याहृतियों सहित)

ऋग्वेद ३.६२.१० का पूर्ण गायत्री मंत्र — ॐ और तीन व्याहृतियों (भूः भुवः स्वः) सहित। ज्ञान, स्पष्टता और आध्यात्मिक प्रकाश के लिए सर्वोच्च 24-अक्षर वैदिक मंत्र। दैनिक संध्या और [सूर्य उपासना](/hi/blog/what-is-saturn-in-vedic-astrology) के लिए आदर्श।

गुरु चालीसा
चालीसाGuru (Brihaspati)Guru

गुरु चालीसा

गुरु चालीसा देवगुरु बृहस्पति को समर्पित 40 चौपाइयों का स्तोत्र है। गुरुवार, गुरु महादशा या कमजोर गुरु में पाठ करने से वैदिक ज्योतिष में ज्ञान, समृद्धि और आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलता है।

श्री हनुमान चालीसा
चालीसाHanumanMangalShani

श्री हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित ४० चौपाइयों का एक अत्यंत प्रभावशाली पाठ है। प्रतिदिन इसका पाठ करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, बल और बुद्धि प्राप्त होती है, और शनि तथा मंगल के अशुभ प्रभावों से रक्षा होती है।

केतु कवचम् (केतु स्तोत्रम्)
स्तोत्रKetuKetu

केतु कवचम् (केतु स्तोत्रम्)

ब्रह्माण्ड पुराण परंपरा का छह श्लोकीय कवच — केतु की कृपा से प्रत्येक अंग की रक्षा। केतु महादशा, आध्यात्मिक मोक्ष और छिपे शत्रुओं से सुरक्षा हेतु पाठ।

लक्ष्मी अष्टकम्
स्तोत्रLakshmiShukra

लक्ष्मी अष्टकम्

यदुपत्याचार्य की आठ श्लोकीय स्तुति जो लक्ष्मी देवी — वैदिक ज्योतिष में शुक्र से जुड़ी धन-देवी — का आह्वान करती है। शुक्रवार और दीपावली को आर्थिक स्थिरता हेतु पाठ।

लक्ष्मी चालीसा
चालीसाLakshmiShukra

लक्ष्मी चालीसा

लक्ष्मी चालीसा धन-समृद्धि की दाता माँ लक्ष्मी को समर्पित स्तोत्र है। वैदिक ज्योतिष में लक्ष्मी पूजन शुक्र ग्रह का प्रमुख उपाय है — शुक्र महादशा में धन स्थिरता और सौभाग्य के लिए।

शिव लिङ्गाष्टकम्
स्तोत्रShivaShani

शिव लिङ्गाष्टकम्

शिव लिंग की आठ श्लोकीय स्तुति — ब्रह्मा, विष्णु और सभी ऋषियों द्वारा पूजित। सोमवार और महाशिवरात्रि को जन्म-दुःख, अहंकार और पाप नाश हेतु पाठ।

महामृत्युंजय मंत्र
मंत्रShiva (Tryambaka)Shani

महामृत्युंजय मंत्र

ऋग्वेद ७.५९.१२ का महामृत्युंजय मंत्र (त्र्यम्बकं यजामहे) — भगवान शिव का महान मृत्यु-विजय मंत्र, स्वास्थ्य, दीर्घायु और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए। सोमवार को 108 बार जप करें; कठिन अवधि में [शनि गोचर](/hi/blog/saturn-transit-effects) गाइड से जोड़ें।

मार्कण्डेय महामृत्युंजय स्तोत्र (13 श्लोक)
स्तोत्रShiva (Mrityunjaya)Shani

मार्कण्डेय महामृत्युंजय स्तोत्र (13 श्लोक)

मार्कण्डेय ऋषि का 13-श्लोक महामृत्युंजय स्तोत्र — 'रुद्रं पशुपतिं स्थाणुं' से आरंभ। शिव की कृपा से मृत्यु पर विजय पाने वाले मार्कण्डेय का रचना। [महामृत्युंजय मंत्र](/hi/stotras/maha-mrityunjaya-mantra) के साथ जप करें।

महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम्
स्तोत्रDurgaRahu

महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम्

आदि शंकराचार्य का एकविंश श्लोकीय दुर्गा स्तोत्र (ऐ गिरि नन्दिनि)। नवरात्रि में राहु शांति, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और दिव्य साहस के लिए पढ़ा जाता है।

मंगल चालीसा
चालीसाMangalMangal

मंगल चालीसा

मंगल चालीसा मंगल देव (मंगल ग्रह) की स्तुति में रचित भक्ति पाठ है। मंगलवार, मंगल महादशा या कठिन गोचर में पाठ करने से वैदिक ज्योतिष में मंगल दोष शांति और साहस की कृपा मिलती है।

नवग्रह बीज मंत्र — सभी 9 ग्रह
मंत्रNavagrahaNavagraha

नवग्रह बीज मंत्र — सभी 9 ग्रह

नौ नवग्रह बीज मंत्र — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु। प्रत्येक ग्रह का मंत्र उसके वार को 108 बार जप करें। शनि के लिए [शनि उपाय](/hi/blog/shani-remedies) देखें।

राहु कवचम् (राहु स्तोत्रम्)
स्तोत्रRahuRahu

राहु कवचम् (राहु स्तोत्रम्)

महाभारत द्रोण पर्व का सात श्लोकीय कवच — शरीर के प्रत्येक अंग को राहु की कृपा से सुरक्षित करता है। राहु महादशा, कालसर्प दोष और ग्रहण से जुड़े उपाय हेतु आवश्यक।

राम रक्षा स्तोत्र
स्तोत्रRamaSurya

राम रक्षा स्तोत्र

बुधकौशिक का अड़तीस श्लोकीय राम रक्षा स्तोत्र, शिव के स्वप्न में प्रदत्त। दिव्य रक्षा, अभय और आध्यात्मिक पुण्य के लिए शक्तिशाली कवच स्तोत्र।

संकट मोचन हनुमानाष्टक
स्तोत्रHanumanMangalShani

संकट मोचन हनुमानाष्टक

संकट मोचन हनुमानाष्टक गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित आठ छंदों का एक अत्यंत लोकप्रिय पाठ है। इसमें हनुमान जी द्वारा देवों और भक्तों के संकटों को दूर करने वाले ऐतिहासिक प्रसंगों का गान किया गया है।

सरस्वती चालीसा
चालीसाSaraswatiBudh

सरस्वती चालीसा

रामसागर रचित सरस्वती चालीसा विद्या, वाणी और कला की देवी को समर्पित है। वैदिक ज्योतिष में सरस्वती पूजन बुध ग्रह को बल देकर शिक्षा और बुद्धि में सफलता दिलाता है।

श्री शनि चालीसा
चालीसाShaniShani

श्री शनि चालीसा

श्री शनि चालीसा राजा दशरथ रचित 40 चौपाइयों का स्तोत्र है। शनिवार, साढ़े साती, शनि महादशा या कठिन गोचर में पाठ करने से वैदिक ज्योतिष में शनि उपाय के रूप में कर्म संतुलन और शनि दोष शांति मिलती है।

शनि मंत्र — ॐ शं शनैश्चराय नमः
मंत्रShaniShani

शनि मंत्र — ॐ शं शनैश्चराय नमः

शनि मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः शनि देव को आह्वान कर अनुशासन, कर्म संतुलन और साढ़े साती में राहत देता है। शनिवार को 108 बार जप करें — स्थायी लाभ के लिए [शनि उपाय गाइड](/hi/blog/shani-remedies) से जोड़ें।

शिव चालीसा
चालीसाShivaShani

शिव चालीसा

शिव चालीसा भगवान शिव की स्तुति में रचित 40 छंदों का पाठ है। सोमवार और महाशिवरात्रि पर इसका पाठ शांति, विघ्ननिवारण और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए किया जाता है।

शिव ताण्डव स्तोत्रम्
स्तोत्रShivaShani

शिव ताण्डव स्तोत्रम्

रावण द्वारा रचित सत्रह श्लोकीय शिव स्तोत्र, जो महादेव के ताण्डव नृत्य का वर्णन करता है। शक्ति, भक्ति और सामान्य ग्रह शांति के लिए वैदिक ज्योतिष में प्रसिद्ध।

शुक्र चालीसा
चालीसाShukraShukra

शुक्र चालीसा

शुक्र चालीसा शुक्र देव (शुक्र ग्रह) को समर्पित 40 चौपाइयों का स्तोत्र है। शुक्रवार, शुक्र महादशा या पीड़ित शुक्र में पाठ करने से वैदिक ज्योतिष में प्रेम, सौंदर्य और समृद्धि की कृपा मिलती है।

सूर्य अष्टकम्
स्तोत्रSuryaSurya

सूर्य अष्टकम्

भगवान सूर्य — वैदिक ज्योतिष के प्रत्यक्ष देवता और आत्मा-कारक — की आठ श्लोकीय स्तुति। रविवार और मकर संक्रांति को सूर्योदय पर ग्रह पीड़ा नाश और स्वास्थ्य हेतु पाठ।

अंक ज्योतिष रिपोर्ट

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