तिथि क्या है?
तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर से तय होती है। एक चंद्र मास में शुक्ल और कृष्ण पक्ष मिलाकर 30 तिथियां होती हैं। त्योहार, व्रत और एकादशी की तिथि तिथि के अनुसार होती है।
दैनिक पंचांग
मुफ्त ऑनलाइन पंचांग देखें — तिथि, नक्षत्र, राहु काल, अभिजीत मुहूर्त, चौघड़िया और शुभ मुहूर्त किसी भी शहर के लिए। लाहिरी अयनांश और आपके स्थानीय सूर्योदय पर आधारित सटीक वैदिक गणना।
— नई दिल्ली के लिए शुक्ल Pratipada तिथि, चित्रा नक्षत्र, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त।
अंतिम अपडेट: रविवार, 11 अक्टूबर 2026
पंचांग स्थान नई दिल्ली
शुक्ल Pratipada
शुक्ल पक्ष
चित्रा
पद 2
वैधृति
Kimstughna
रविवार
सूर्य
शुक्ल पक्ष
शुक्ल पक्ष
पद 2
पद 1
Sunday
दिन और रात के शुभ और अशुभ समय खंड।
रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के लिए स्थान-आधारित वैदिक समय। शहर या तिथि बदलने के लिए ऊपर दिए टूल का उपयोग करें।
पंचांग (संस्कृत पंच + अंग) पारंपरिक हिंदू पंचांग है। प्रत्येक दिन पांच अंगों — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — से वर्णित होता है, साथ ही अनुष्ठान, यात्रा और शुभ कार्यों के लिए सूर्योदय-आधारित मुहूर्त समय भी दिए जाते हैं।
तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर से तय होती है। एक चंद्र मास में शुक्ल और कृष्ण पक्ष मिलाकर 30 तिथियां होती हैं। त्योहार, व्रत और एकादशी की तिथि तिथि के अनुसार होती है।
नक्षत्र 27 चंद्र नक्षत्रों में चंद्रमा की स्थिति है। यह नामकरण, मुहूर्त चयन और ताराबल पर प्रभाव डालता है। प्रत्येक नक्षत्र चार पदों में विभाजित होता है, जो जन्म कुंडली विश्लेषण में उपयोगी है।
राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल वार के अनुसार तय होने वाले दैनिक अशुभ समय हैं। अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल शुभ समय माने जाते हैं। चौघड़िया दिन-रात को यात्रा और नए कार्य के लिए अनुकूल और प्रतिकूल खंडों में बांटता है।
हिंदू पंचांग, मुहूर्त समय और स्थान के प्रभाव से जुड़े सामान्य प्रश्न।
पंचांग पारंपरिक वैदिक पंचांग है जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — ये पांच अंग होते हैं। इनसे दैनिक जीवन और अनुष्ठानों के लिए शुभ-अशुभ समय तय किया जाता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त आपके भौगोलिक निर्देशांक और समय क्षेत्र पर निर्भर करते हैं। एक ही तिथि पर दिल्ली, मुंबई या विदेश में तिथि समाप्ति अलग हो सकती है।
राहु काल राहु के अधीन दैनिक अशुभ समय है। परंपरा में इस दौरान नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण संस्कार शुरू करने से बचा जाता है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर का एक संक्षिप्त अत्यंत शुभ समय माना जाता है। जब कोई अन्य मुहूर्त उपलब्ध न हो, तब महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जाता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता।
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ समय खंडों में बांटता है — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल और उद्वेग। अमृत, शुभ और लाभ कार्य आरंभ, यात्रा और संस्कारों के लिए शुभ हैं, जबकि रोग, काल और उद्वेग से बचना चाहिए।
समय की गणना आधुनिक खगोलीय एल्गोरिदम से, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश और आपके सटीक अक्षांश, देशांतर व समय क्षेत्र के आधार पर की जाती है। सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि और नक्षत्र के समय आपके स्थान के अनुसार मिनट तक गणना किए जाते हैं।
ये दिन के तीन अशुभ समय हैं जो वार के अनुसार तय होते हैं। राहु काल सबसे अधिक माना जाता है; यमगण्ड और गुलिक काल भी वे समय हैं जिनमें महत्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
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