दैनिक पंचांग

रविवार, 11 अक्टूबर 2026 का हिंदू पंचांग

मुफ्त ऑनलाइन पंचांग देखें — तिथि, नक्षत्र, राहु काल, अभिजीत मुहूर्त, चौघड़िया और शुभ मुहूर्त किसी भी शहर के लिए। लाहिरी अयनांश और आपके स्थानीय सूर्योदय पर आधारित सटीक वैदिक गणना।

— नई दिल्ली के लिए शुक्ल Pratipada तिथि, चित्रा नक्षत्र, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त।

अंतिम अपडेट: रविवार, 11 अक्टूबर 2026

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पंचांग स्थान नई दिल्ली

रविवार, 11 अक्टूबर 2026

विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (महीना)Ashwina
पक्षशुक्ल
ऋतु (मौसम)शरद
तिथि

शुक्ल Pratipada

शुक्ल पक्ष

नक्षत्र

चित्रा

पद 2

योग

वैधृति

करण

Kimstughna

वार (दिन)

रविवार

सूर्य

पंच अंग (पंचांग)

तिथि●

शुक्ल Pratipada

शुक्ल पक्ष

तक09:31 pm
तिथि

Shukla द्वितीया

शुक्ल पक्ष

तक06:20 am
नक्षत्र●

चित्रा

पद 2

तक10:32 pm
नक्षत्र

Swati

पद 1

तक06:20 am
योग●

वैधृति

तक09:04 pm
योग

Vishkambha

तक06:20 am
करण●

Kimstughna

तक09:22 am
करण

बव

तक09:31 pm
करण

बालव

तक06:20 am
वार (दिन)

रविवार

Sunday

शासकसूर्य

चौघड़िया

दिन और रात के शुभ और अशुभ समय खंड।

दिन का चौघड़िया

उद्वेग06:19 am – 07:46 am
चर07:46 am – 09:13 am
लाभ09:13 am – 10:40 am
अमृत10:40 am – 12:07 pm
काल12:07 pm – 01:34 pm
शुभ01:34 pm – 03:01 pm
रोग03:01 pm – 04:28 pm
उद्वेग04:28 pm – 05:56 pm

रात का चौघड़िया

शुभ05:56 pm – 07:29 pm
रोग07:29 pm – 09:02 pm
उद्वेग09:02 pm – 10:35 pm
चर10:35 pm – 12:08 am
लाभ12:08 am – 01:41 am
अमृत01:41 am – 03:14 am
काल03:14 am – 04:47 am
शुभ04:47 am – 06:20 am

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:19 am
सूर्यास्त05:56 pm
चंद्रोदय06:47 am
चंद्रास्त06:05 pm
दिनमान11 घं 37 मि
रात्रिमान12 घं 24 मि
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिकन्या
सूर्य नक्षत्रचित्रा

मुहूर्त और समय

शुभ

अभिजीत मुहूर्त11:44 am – 12:30 pm
ब्रह्म मुहूर्त05:33 am – 05:56 am
अमृत काल02:19 pm – 03:55 pm
विजय मुहूर्त02:03 pm – 02:50 pm
गोधूलि मुहूर्त05:32 pm – 06:20 pm
निशिता मुहूर्त11:43 pm – 12:32 am

अशुभ

राहु काल04:28 pm – 05:56 pm
यमगण्ड काल12:07 pm – 01:34 pm
गुलिक काल03:01 pm – 04:28 pm
वर्ज्यम05:58 am – 07:38 am
दुर मुहूर्तम 111:44 am – 12:30 pm
दुर मुहूर्तम 204:23 pm – 05:09 pm

शुभ योग

Amrit सिद्धि Yoga

आज का पंचांग एक नज़र में

रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के लिए स्थान-आधारित वैदिक समय। शहर या तिथि बदलने के लिए ऊपर दिए टूल का उपयोग करें।

तिथि
शुक्ल Pratipada
शुक्ल पक्ष
नक्षत्र
चित्रा
पद 2
योग
वैधृति
करण
Kimstughna
वार (दिन)
रविवार
सूर्योदय
06:19 am
सूर्यास्त
05:56 pm
राहु काल
04:28 pm – 05:56 pm
अभिजीत मुहूर्त
11:44 am – 12:30 pm
मास (महीना)
Ashwina
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

हिंदू पंचांग को समझें

पंचांग (संस्कृत पंच + अंग) पारंपरिक हिंदू पंचांग है। प्रत्येक दिन पांच अंगों — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — से वर्णित होता है, साथ ही अनुष्ठान, यात्रा और शुभ कार्यों के लिए सूर्योदय-आधारित मुहूर्त समय भी दिए जाते हैं।

तिथि क्या है?

तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर से तय होती है। एक चंद्र मास में शुक्ल और कृष्ण पक्ष मिलाकर 30 तिथियां होती हैं। त्योहार, व्रत और एकादशी की तिथि तिथि के अनुसार होती है।

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र 27 चंद्र नक्षत्रों में चंद्रमा की स्थिति है। यह नामकरण, मुहूर्त चयन और ताराबल पर प्रभाव डालता है। प्रत्येक नक्षत्र चार पदों में विभाजित होता है, जो जन्म कुंडली विश्लेषण में उपयोगी है।

शुभ और अशुभ समय

राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल वार के अनुसार तय होने वाले दैनिक अशुभ समय हैं। अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल शुभ समय माने जाते हैं। चौघड़िया दिन-रात को यात्रा और नए कार्य के लिए अनुकूल और प्रतिकूल खंडों में बांटता है।

पंचांग से संबंधित प्रश्न

हिंदू पंचांग, मुहूर्त समय और स्थान के प्रभाव से जुड़े सामान्य प्रश्न।

हिंदू पंचांग क्या है?

पंचांग पारंपरिक वैदिक पंचांग है जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — ये पांच अंग होते हैं। इनसे दैनिक जीवन और अनुष्ठानों के लिए शुभ-अशुभ समय तय किया जाता है।

पंचांग के लिए स्थान क्यों महत्वपूर्ण है?

सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त आपके भौगोलिक निर्देशांक और समय क्षेत्र पर निर्भर करते हैं। एक ही तिथि पर दिल्ली, मुंबई या विदेश में तिथि समाप्ति अलग हो सकती है।

राहु काल क्या है?

राहु काल राहु के अधीन दैनिक अशुभ समय है। परंपरा में इस दौरान नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण संस्कार शुरू करने से बचा जाता है।

अभिजीत मुहूर्त क्या है?

अभिजीत मुहूर्त दोपहर का एक संक्षिप्त अत्यंत शुभ समय माना जाता है। जब कोई अन्य मुहूर्त उपलब्ध न हो, तब महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जाता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता।

चौघड़िया क्या है और इसका उपयोग कैसे करें?

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ समय खंडों में बांटता है — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल और उद्वेग। अमृत, शुभ और लाभ कार्य आरंभ, यात्रा और संस्कारों के लिए शुभ हैं, जबकि रोग, काल और उद्वेग से बचना चाहिए।

ये पंचांग गणनाएं कितनी सटीक हैं?

समय की गणना आधुनिक खगोलीय एल्गोरिदम से, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश और आपके सटीक अक्षांश, देशांतर व समय क्षेत्र के आधार पर की जाती है। सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि और नक्षत्र के समय आपके स्थान के अनुसार मिनट तक गणना किए जाते हैं।

राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल क्या हैं?

ये दिन के तीन अशुभ समय हैं जो वार के अनुसार तय होते हैं। राहु काल सबसे अधिक माना जाता है; यमगण्ड और गुलिक काल भी वे समय हैं जिनमें महत्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

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