एकादशी कैलेंडर

पौष पुत्रदा एकादशी 2027: तिथि, व्रत विधि और पारण

पौष, शुक्ल पक्ष. पौष पुत्रदा एकादशी पौष के शुक्ल पक्ष की एकादशी है।

तिथियाँ

  • 2027

    सोमवार, 18 जनवरी 2027

    वैष्णव: मंगलवार, 19 जनवरी 2027

पौष पुत्रदा एकादशी के बारे में

पौष पुत्रदा एकादशी पौष के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। पुत्रदा का अर्थ है संतान देने वाली, और दंपत्ति परंपरा से संतान की प्राप्ति और कल्याण के लिए यह व्रत रखते हैं। दिन भर विष्णु की पूजा होती है।

पौष पुत्रदा एकादशी कैसे रखें

दंपत्ति प्रायः साथ व्रत रखते हैं और पुत्रदा एकादशी की कथा पढ़ते हैं।

  1. सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और एकादशी व्रत का संकल्प लें।
  2. तुलसी दल, पीले फूल, धूप और दीप से भगवान विष्णु की पूजा करें। एकादशी कथा या विष्णु सहस्रनाम पढ़ें।
  3. अपनी क्षमता के अनुसार दिन भर व्रत रखें, और क्रोध तथा कठोर वाणी से बचें।
  4. संभव हो तो शाम को भजन या पाठ के साथ जागरण करें।
  5. अगली सुबह द्वादशी को सूर्योदय के बाद और पारण के समय के भीतर व्रत खोलें।

क्या खाएँ और क्या नहीं

फल, दूध, दही, मेवे, साबूदाना, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक आम तौर पर लिए जाते हैं। बहुत से लोग पूरा उपवास, या केवल जल या फल लेते हैं।

एकादशी पर चावल, गेहूँ और अन्य अनाज, फलियाँ और दालें वर्जित हैं। बहुत से लोग प्याज, लहसुन और सामान्य नमक भी नहीं खाते, और इस दिन मांसाहार नहीं करते।

बच्चे, बुज़ुर्ग, गर्भवती महिलाएँ और जो किसी रोग से ग्रस्त हों या दवा ले रहे हों, उतना ही व्रत रखें जितना सुरक्षित हो, और चिकित्सक की सलाह लें। फल और दूध का हल्का व्रत पूरी तरह मान्य है।

व्रत खोलना (पारण)

पारण, यानी व्रत खोलना, एकादशी के अगले दिन द्वादशी को सूर्योदय के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले किया जाता है। द्वादशी के आरंभिक भाग हरि वासर में इससे परंपरा से बचा जाता है। सटीक समय आपके शहर पर निर्भर है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखें। सादे सात्विक भोजन से व्रत खोलें, और विष्णु को अर्पित तुलसी दल या जल से शुरू करें।

स्मार्त और वैष्णव तिथियाँ

अधिकतर परिवार स्मार्त नियम मानते हैं: जिस दिन सूर्योदय पर तिथि हो वही एकादशी है। वैष्णव भक्त, जिनमें इस्कॉन और कई संप्रदायों के अनुयायी शामिल हैं, अधिक कठोर नियम मानते हैं और कुछ वर्षों में अगले दिन व्रत रखते हैं। जहाँ दोनों में अंतर है, वहाँ वैष्णव तिथि साथ दिखाई गई है। आप वैष्णव परंपरा मानते हैं तो वही तिथि रखें।

और एकादशियाँ

अगली एकादशी · आज का पंचांग

तिथियाँ नई दिल्ली के लिए स्मार्त नियम (सूर्योदय पर एकादशी तिथि) से हैं और प्रकाशित पंचांगों से जाँची गई हैं। अन्य शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है, और वैष्णव कभी-कभी अगले दिन व्रत रखते हैं। पारण के सटीक समय के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पौष पुत्रदा एकादशी कब है?

पौष पुत्रदा एकादशी की तिथियाँ: 2027: सोमवार, 18 जनवरी 2027। तिथियाँ नई दिल्ली के लिए स्मार्त नियम से हैं।

पौष पुत्रदा एकादशी का क्या महत्व है?

पौष पुत्रदा एकादशी पौष के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। पुत्रदा का अर्थ है संतान देने वाली, और दंपत्ति परंपरा से संतान की प्राप्ति और कल्याण के लिए यह व्रत रखते हैं। दिन भर विष्णु की पूजा होती है।

पौष पुत्रदा एकादशी पर क्या खाएँ और क्या नहीं?

फल, दूध, दही, मेवे, साबूदाना, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक आम तौर पर लिए जाते हैं। बहुत से लोग पूरा उपवास, या केवल जल या फल लेते हैं। एकादशी पर चावल, गेहूँ और अन्य अनाज, फलियाँ और दालें वर्जित हैं। बहुत से लोग प्याज, लहसुन और सामान्य नमक भी नहीं खाते, और इस दिन मांसाहार नहीं करते।

पौष पुत्रदा एकादशी का पारण कब करें?

पारण, यानी व्रत खोलना, एकादशी के अगले दिन द्वादशी को सूर्योदय के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले किया जाता है। द्वादशी के आरंभिक भाग हरि वासर में इससे परंपरा से बचा जाता है। सटीक समय आपके शहर पर निर्भर है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखें। सादे सात्विक भोजन से व्रत खोलें, और विष्णु को अर्पित तुलसी दल या जल से शुरू करें।

पौष पुत्रदा एकादशी की वैष्णव तिथि क्या है?

वैष्णव भक्त अगले दिन व्रत रखते हैं: 2027: मंगलवार, 19 जनवरी 2027। स्मार्त तिथि ऊपर दी गई है।

जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली के अनुसार कौन-सा व्रत और उपाय उचित है? परामर्श बुक करें।

परामर्श बुक करें

अंक ज्योतिष रिपोर्ट

सिर्फ़ अपनी जन्म तिथि से जानिए अपने जीवन के अगले 30 वर्ष।

धन, विवाह और करियर के आपके सबसे अच्छे वर्ष। कदम उठाने के सही महीने। 10 सेकंड में निःशुल्क शुरू करें, सब कुछ अनलॉक करें केवल ₹299 में।

देखें रिपोर्ट में क्या है
जन्म तिथि
  • साइन-अप नहीं
  • 10 सेकंड में निःशुल्क
  • हिंदी और English