त्योहार कैलेंडर
सरस्वती पूजा 2027: तिथि और मुहूर्त
सरस्वती पूजा 2027 गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 को है। इसे वसंत पंचमी और बसंत पंचमी भी कहते हैं।
तिथि
गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027
तिथि (पंचांग)
माघ शुक्ल पंचमी
नई दिल्ली में सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह 7:03 से दोपहर 12:36 तक है, जब तक माघ शुक्ल पंचमी पूर्वाह्न में रहती है। पंचमी 11 फ़रवरी को रात 3:04 बजे शुरू होकर 12 फ़रवरी को रात 3:18 बजे समाप्त होती है।
वसंत पंचमी के बारे में
सरस्वती पूजा, जिसे वसंत पंचमी या बसंत पंचमी भी कहते हैं, वसंत का स्वागत करती है और ज्ञान, संगीत तथा कलाओं की देवी सरस्वती का पूजन दिवस है। इस दिन पीले वस्त्र पहने और अर्पित किए जाते हैं, और परंपरा से बच्चों का अक्षरारंभ कराया जाता है।
वसंत पंचमी कैसे मनाया जाता है
- पीले वस्त्र पहनें और सरस्वती को पीले फूल तथा मिठाई अर्पित करें।
- देवी के सामने पुस्तकें, कलम और वाद्य रखें।
- बच्चे का अक्षरारंभ (विद्यारंभ) कराएँ।
पढ़ने योग्य स्तोत्र
2027 के और त्योहार
तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं, प्रकाशित पंचांगों से जाँची गई हैं। जब तिथि दो दिन तक रहती है या कोई क्षेत्र अलग नियम मानता है तो त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। अपने शहर के सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सरस्वती पूजा 2027 में कब है?
सरस्वती पूजा 2027 में गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 को है। तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं। नई दिल्ली में सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह 7:03 से दोपहर 12:36 तक है, जब तक माघ शुक्ल पंचमी पूर्वाह्न में रहती है। पंचमी 11 फ़रवरी को रात 3:04 बजे शुरू होकर 12 फ़रवरी को रात 3:18 बजे समाप्त होती है।
सरस्वती पूजा किस तिथि को मनाया जाता है?
सरस्वती पूजा माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। यह उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के अनुसार है।
सरस्वती पूजा का क्या महत्व है?
सरस्वती पूजा, जिसे वसंत पंचमी या बसंत पंचमी भी कहते हैं, वसंत का स्वागत करती है और ज्ञान, संगीत तथा कलाओं की देवी सरस्वती का पूजन दिवस है। इस दिन पीले वस्त्र पहने और अर्पित किए जाते हैं, और परंपरा से बच्चों का अक्षरारंभ कराया जाता है।
क्या मेरे शहर में सरस्वती पूजा की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। जब तिथि दो दिनों तक रहती है या किसी क्षेत्र में अलग नियम माना जाता है, तब त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। पूजा के सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
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