त्योहार कैलेंडर
दीपावली 2027: तिथि और पूजन
दीपावली 2027 में शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 को है।
तिथि
शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027
तिथि (पंचांग)
कार्तिक अमावस्या, प्रदोष काल में अमावस्या
दीपावली के बारे में
दीपावली, प्रकाश का पर्व, धनतेरस से शुरू होने वाले पाँच दिनों का मुख्य दिन है। अमावस्या के प्रदोष काल में लक्ष्मी और गणेश का पूजन होता है, घर दीपों से सजते हैं और परिवार मिठाई तथा उपहार बाँटते हैं।
दीपावली कैसे मनाया जाता है
- अपने स्थानीय पंचांग के प्रदोष मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश पूजन करें।
- प्रवेश द्वार और घर के चारों ओर दीपक जलाएँ।
- लक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें और मिठाई बाँटें।
पढ़ने योग्य स्तोत्र
- लक्ष्मी अष्टकम्यदुपत्याचार्य की आठ श्लोकीय स्तुति जो लक्ष्मी देवी — वैदिक ज्योतिष में शुक्र से जुड़ी धन-देवी — का आह्वान करती है। शुक्रवार और दीपावली को आर्थिक स्थिरता हेतु पाठ।
- महालक्ष्मी अष्टकम् (लक्ष्मी अष्टकम्) अर्थ सहितमहालक्ष्मी अष्टकम् (नमस्तेऽस्तु महामाये) का संस्कृत पाठ, हर श्लोक का हिंदी अर्थ, पारंपरिक लाभ और शुक्रवार व दिवाली पर पाठ की विधि।
- लक्ष्मी चालीसालक्ष्मी चालीसा धन-समृद्धि की दाता माँ लक्ष्मी को समर्पित स्तोत्र है। वैदिक ज्योतिष में लक्ष्मी पूजन शुक्र ग्रह का प्रमुख उपाय है — शुक्र महादशा में धन स्थिरता और सौभाग्य के लिए।
2027 के और त्योहार
तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं, प्रकाशित पंचांगों से जाँची गई हैं। जब तिथि दो दिन तक रहती है या कोई क्षेत्र अलग नियम मानता है तो त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। अपने शहर के सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीपावली 2027 में कब है?
दीपावली 2027 में शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 को है। तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं।
दीपावली किस तिथि को मनाया जाता है?
दीपावली कार्तिक अमावस्या, प्रदोष काल में अमावस्या को मनाया जाता है। यह उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के अनुसार है।
दीपावली का क्या महत्व है?
दीपावली, प्रकाश का पर्व, धनतेरस से शुरू होने वाले पाँच दिनों का मुख्य दिन है। अमावस्या के प्रदोष काल में लक्ष्मी और गणेश का पूजन होता है, घर दीपों से सजते हैं और परिवार मिठाई तथा उपहार बाँटते हैं।
क्या मेरे शहर में दीपावली की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। जब तिथि दो दिनों तक रहती है या किसी क्षेत्र में अलग नियम माना जाता है, तब त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। पूजा के सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
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