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इस वर्ष मेरा तिथि वाला जन्मदिन कब है?
कई परिवार जन्मदिन अंग्रेज़ी तारीख़ के बजाय जन्म तिथि, यानी जन्म की चंद्र तिथि, पर मनाते हैं। अपने जन्म का विवरण डालें और जानें अपनी तिथि, चंद्र मास और हर वर्ष उसकी अंग्रेज़ी तारीख़।
जन्म तिथि पर उत्सव
कई हिंदू परिवारों में मुख्य जन्मदिन जन्म तिथि ही है: जन्म के चंद्र मास की वही चंद्र तिथि। उस दिन पूजा, मंदिर दर्शन या छोटा हवन किया जाता है, और कुछ परिवार ब्राह्मण भोजन या दान भी करते हैं।
तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोण से तय होती है, इसलिए यह सौर कैलेंडर के साथ नहीं चलती। इसी कारण अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
यह कैलकुलेटर कैसे काम करता है
- यह आपके जन्म के क्षण की तिथि और उस समय का चंद्र मास निकालता है, अमांत और पूर्णिमांत दोनों पद्धतियों में।
- हर वर्ष के लिए यह वह दिन खोजता है जिसके सूर्योदय पर, आपके जन्म स्थान पर, उसी मास में वही तिथि हो।
- क्षय और वृद्धि तिथि तथा अधिक मास परंपरागत नियमों से संभाले जाते हैं, और सारणी बताती है कि कब ऐसा हुआ।
तिथि या नक्षत्र?
दक्षिण भारत के कुछ भागों में, विशेषकर केरल और तमिलनाडु में, जन्मदिन तिथि के बजाय जन्म के सौर मास में जन्म नक्षत्र वाले दिन मनाया जाता है। दोनों परंपरागत हैं। यदि आपका परिवार नक्षत्र मानता है, तो नक्षत्र खोजक से अपना नक्षत्र जानें और पंचांग में देखें।
तिथि अनुसार जन्मदिन: सामान्य प्रश्न
तिथि अनुसार जन्मदिन क्या है?
यह चंद्र पंचांग के अनुसार आपके जन्म की वर्षगाँठ है: उसी चंद्र मास की वही तिथि जिसमें आपका जन्म हुआ। बारह चंद्र मास वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है, प्रायः आपके जन्मदिन से लगभग तीन सप्ताह आगे-पीछे।
जन्म समय क्यों चाहिए?
तिथि किसी भी समय बदल सकती है। आपकी जन्म तिथि वही है जो जन्म के क्षण चल रही थी, जो आपकी जन्म तारीख़ के लिए छपी तिथि (सूर्योदय वाली) से अलग हो सकती है।
सूर्योदय के लिए कौन सा स्थान लिया जाता है?
आपका जन्म स्थान। यदि आप अब दूर रहते हैं, तो आपके स्थानीय पंचांग से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है; हिंदू कैलेंडर कन्वर्टर से किसी भी शहर के लिए कोई भी तारीख़ जाँच सकते हैं।
किसी वर्ष मेरी तिथि न हो या दो बार हो तो?
जब तिथि किसी सूर्योदय पर न हो (क्षय), तो जन्मदिन उसी दिन मनाया जाता है जिस दिन वह चलती है। जब वह दो सूर्योदयों पर हो (वृद्धि), तो पहला दिन लिया जाता है। सारणी दोनों स्थितियाँ दिखाती है।
अधिक मास वाले वर्ष में क्या होता है?
उत्सव सामान्य (निज) मास में मनाए जाते हैं, अधिक मास में नहीं, इसलिए सारणी निज मास की तारीख़ देती है और अधिक मास की तारीख़ टिप्पणी में बताती है। यदि आपका जन्म अधिक मास में हुआ, तो जन्मदिन उसी नाम के निज मास में मनाया जाता है।
अमांत या पूर्णिमांत: मेरा जन्म किस मास में हुआ?
यदि जन्म कृष्ण पक्ष में हुआ तो दोनों पद्धतियों में मास का नाम अलग होगा: पूर्णिमांत (उत्तर भारत) तब अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत) से एक महीना आगे होता है। टूल दोनों दिखाता है। जन्मदिन की तारीख़ दोनों से एक ही आती है।
तिथि पर जन्मदिन मनाना सुंदर परंपरा है। अपनी कुंडली से आने वाले वर्ष के विस्तृत विश्लेषण के लिए परामर्श बुक करें।
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