115 दिन बाद
शनिवार, 6 फ़रवरी 2027
वलयाकार सूर्य ग्रहण
चंद्रमा सूर्य के बीच के भाग को ढकता है और चारों ओर रोशनी का चमकीला छल्ला (कंकण) दिखता है।
- भारत में
- नहीं दिखेगा
- समय (IST)
- 9:29 pm, विश्व में मध्य ग्रहण
- सूतक
- नहीं (भारत से नहीं दिखेगा)
सूतक ग्रहण से पहले का वह समय है जिसे परंपरा अशुभ मानती है: मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं, और कई परिवार ग्रहण समाप्त होने तक भोजन बनाने, खाने और नए या धार्मिक कार्य शुरू करने से बचते हैं। सूतक कैसे गिना जाता है
राशि और नक्षत्र: मकर 23° · धनिष्ठा 1. नक्षत्र चंद्रमा के मार्ग के 27 तारा-खंडों में से एक है।
भारत से दिखने वाला अगला ग्रहण: उपच्छाया चंद्र ग्रहण, 21 फ़र॰ 2027।