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13 अक्टू॰ 2026 से 13 जन॰ 2027 तक, New Delhi के लिए
| क्रम | तिथि | अंक | सबसे अच्छा समय | कारण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 15 नव॰ 2026रविवार | 80 | 8:04 am – 11:44 amअमृत, लाभ, चर | + शुक्ल षष्ठी+ उत्तराषाढ़ा+ अमृत सिद्धि योग+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 2 | 16 नव॰ 2026सोमवार | 80 | 2:46 pm – 5:27 pmअमृत, लाभ, चर | + शुक्ल सप्तमी+ श्रवण+ अमृत सिद्धि योग+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 3 | 29 नव॰ 2026रविवार | 75 | 8:13 am – 11:48 amअमृत, लाभ, चर | + पुष्य+ अमृत सिद्धि योग+ सर्वार्थ सिद्धि योग+ रवि पुष्य योग |
| 4 | 10 जन॰ 2027रविवार | 75 | 8:33 am – 12:07 pmअमृत, लाभ, चर | + शुक्ल तृतीया+ श्रवण+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 5 | 14 दिस॰ 2026सोमवार | 75 | 2:50 pm – 5:25 pmअमृत, लाभ | + शुक्ल पंचमी+ श्रवण+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 6 | 11 नव॰ 2026बुधवार | 75 | 3:19 pm – 5:29 pmलाभ, चर | + शुक्ल द्वितीया+ अनुराधा+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 7 | 1 नव॰ 2026रविवार | 70 | 7:55 am – 11:42 amअमृत, लाभ, चर | + पुष्य+ सर्वार्थ सिद्धि योग+ रवि पुष्य योग |
| 8 | 4 जन॰ 2027सोमवार | 70 | 3:01 pm – 5:37 pmअमृत, लाभ, चर | + अनुराधा+ अमृत सिद्धि योग+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 9 | 19 अक्टू॰ 2026सोमवार | 70 | 6:24 am – 7:49 amअमृत | + शुक्ल अष्टमी+ उत्तराषाढ़ा |
| 10 | 25 दिस॰ 2026शुक्रवार | 70 | 10:37 am – 11:03 amअमृत | + पुनर्वसु+ अमृत सिद्धि योग+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 11 | 21 दिस॰ 2026सोमवार | 65 | 2:53 pm – 5:28 pmअमृत, लाभ | + शुक्ल द्वादशी+ अमृत सिद्धि योग |
| 12 | 23 अक्टू॰ 2026शुक्रवार | 65 | 12:05 pm – 1:13 pmअभिजित मुहूर्त, शुभ | + शुक्ल द्वादशी+ अमृत सिद्धि योग |
| 13 | 6 नव॰ 2026शुक्रवार | 65 | 12:04 pm – 12:35 pmअभिजित मुहूर्त, शुभ | + हस्त+ अमृत सिद्धि योग |
| 14 | 25 नव॰ 2026बुधवार | 65 | 3:17 pm – 5:24 pmलाभ, चर | + रोहिणी+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 15 | 13 जन॰ 2027बुधवार | 65 | 3:38 pm – 5:44 pmलाभ, चर | + शुक्ल पंचमी+ अमृत सिद्धि योग |
| 16 | 21 अक्टू॰ 2026बुधवार | 65 | 6:25 am – 7:50 amलाभ | + शुक्ल दशमी+ अमृत सिद्धि योग |
| 17 | 11 दिस॰ 2026शुक्रवार | 65 | 12:36 pm – 1:16 pmशुभ | + शुक्ल द्वितीया+ अमृत सिद्धि योग |
| 18 | 22 नव॰ 2026रविवार | 60 | 8:08 am – 11:45 amअमृत, लाभ, चर | + शुक्ल त्रयोदशी |
| 19 | 12 नव॰ 2026गुरुवार | 60 | 11:43 am – 1:26 pmअभिजित मुहूर्त, लाभ, चर | + शुक्ल तृतीया |
| 20 | 17 दिस॰ 2026गुरुवार | 60 | 11:56 am – 1:34 pmअभिजित मुहूर्त, लाभ, चर | + शुक्ल अष्टमी |
| 21 | 15 अक्टू॰ 2026गुरुवार | 60 | 12:03 pm – 1:33 pmअभिजित मुहूर्त, लाभ, चर | + शुक्ल पंचमी |
| 22 | 11 जन॰ 2027सोमवार | 60 | 7:15 am – 8:33 amअमृत | + शुक्ल तृतीया |
| 23 | 19 दिस॰ 2026शनिवार | 60 | 2:52 pm – 4:10 pmअमृत, लाभ | + शुक्ल दशमी+ रेवती− शनिवार+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 24 | 16 अक्टू॰ 2026शुक्रवार | 60 | 12:06 pm – 1:15 pmअभिजित मुहूर्त, शुभ | + शुक्ल षष्ठी |
| 25 | 24 अक्टू॰ 2026शनिवार | 60 | 11:42 am – 12:27 pmअभिजित मुहूर्त, चर | + शुक्ल त्रयोदशी+ उत्तर भाद्रपद− शनिवार+ अमृत सिद्धि योग |
| 26 | 16 दिस॰ 2026बुधवार | 60 | 3:22 pm – 5:26 pmलाभ, चर | + शुक्ल सप्तमी |
| 27 | 30 दिस॰ 2026बुधवार | 60 | 7:13 am – 8:30 amलाभ | + उत्तर फाल्गुनी |
| 28 | 12 दिस॰ 2026शनिवार | 60 | 8:26 am – 9:39 amशुभ | + शुक्ल तृतीया+ उत्तराषाढ़ा− शनिवार+ अमृत सिद्धि योग |
| 29 | 18 अक्टू॰ 2026रविवार | 60 | 7:49 am – 8:28 amचर | + शुक्ल सप्तमी |
| 30 | 20 नव॰ 2026शुक्रवार | 60 | 6:47 am – 7:16 amचर | + शुक्ल दशमी |
| 31 | 30 नव॰ 2026सोमवार | 55 | 2:46 pm – 5:23 pmअमृत, लाभ | + अमृत सिद्धि योग |
| 32 | 21 नव॰ 2026शनिवार | 55 | 2:46 pm – 4:05 pmअमृत | + शुक्ल द्वादशी+ उत्तर भाद्रपद− शनिवार |
| 33 | 9 जन॰ 2027शनिवार | 55 | 3:04 pm – 4:22 pmअमृत | + शुक्ल द्वितीया+ उत्तराषाढ़ा− शनिवार |
| 34 | 22 दिस॰ 2026मंगलवार | 55 | 11:17 am – 12:19 pmअभिजित मुहूर्त, लाभ | + शुक्ल त्रयोदशी− मंगलवार+ अमृत सिद्धि योग+ सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 35 | 6 दिस॰ 2026रविवार | 50 | 8:17 am – 11:51 amअमृत, लाभ, चर | |
| 36 | 28 दिस॰ 2026सोमवार | 50 | 2:57 pm – 5:32 pmअमृत, लाभ, चर | |
| 37 | 26 नव॰ 2026गुरुवार | 50 | 11:47 am – 1:27 pmअभिजित मुहूर्त, लाभ, चर | |
| 38 | 13 अक्टू॰ 2026मंगलवार | 50 | 10:57 am – 12:07 pmअभिजित मुहूर्त, लाभ | + शुक्ल तृतीया− मंगलवार+ अमृत सिद्धि योग |
| 39 | 30 अक्टू॰ 2026शुक्रवार | 50 | 12:04 pm – 1:11 pmअभिजित मुहूर्त, शुभ | |
| 40 | 8 जन॰ 2027शुक्रवार | 50 | 12:27 pm – 1:30 pmअभिजित मुहूर्त, शुभ | |
| 41 | 9 दिस॰ 2026बुधवार | 50 | 3:20 pm – 5:24 pmलाभ, चर | |
| 42 | 28 अक्टू॰ 2026बुधवार | 50 | 6:30 am – 7:53 amलाभ | |
| 43 | 24 दिस॰ 2026गुरुवार | 50 | 4:12 pm – 5:30 pmशुभ | |
| 44 | 26 दिस॰ 2026शनिवार | 50 | 8:34 am – 9:43 amशुभ | + पुष्य− शनिवार+ अमृत सिद्धि योग |
विवरण
1. 15 नव॰ 2026, रविवार · 8:04 am – 11:44 am
कारण
- तिथि: शुक्ल षष्ठी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: रविवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: गण्ड, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 8:04 am – 11:44 am (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल षष्ठी, उत्तराषाढ़ा
अन्य शुभ समय: 1:26 pm – 2:46 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृश्चिक 8:04 am – 9:13 am; धनु 9:13 am – 11:17 am; मकर 11:17 am – 11:44 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 11:17 am – 11:44 am
सूर्योदय 6:43 am · सूर्यास्त 5:27 pm
टालें: राहु काल 4:07 pm – 5:27 pm; यमगंड 12:05 pm – 1:26 pm; गुलिक 2:46 pm – 4:07 pm
2. 16 नव॰ 2026, सोमवार · 2:46 pm – 5:27 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल सप्तमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: श्रवण, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: गण्ड, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 2:46 pm – 5:27 pm (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल सप्तमी, श्रवण
अन्य शुभ समय: 6:44 am – 8:04 am (अमृत); 9:35 am – 10:45 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मीन 2:46 pm – 3:48 pm; मेष 3:48 pm – 5:23 pm; वृषभ 5:23 pm – 5:27 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 3:48 pm – 5:23 pm
सूर्योदय 6:44 am · सूर्यास्त 5:27 pm
टालें: राहु काल 8:04 am – 9:25 am; यमगंड 10:45 am – 12:05 pm; गुलिक 1:26 pm – 2:46 pm
3. 29 नव॰ 2026, रविवार · 8:13 am – 11:48 am
कारण
- तिथि: कृष्ण षष्ठी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: पुष्य, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: रविवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: ब्रह्म, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
- रवि पुष्य योग (+5)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 8:13 am – 11:48 am (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण षष्ठी, पुष्य
अन्य शुभ समय: 1:27 pm – 2:46 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृश्चिक 8:13 am – 8:18 am; धनु 8:18 am – 10:22 am; मकर 10:22 am – 11:48 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 10:22 am – 11:48 am
सूर्योदय 6:54 am · सूर्यास्त 5:23 pm
टालें: राहु काल 4:05 pm – 5:23 pm; यमगंड 12:09 pm – 1:27 pm; गुलिक 2:46 pm – 4:05 pm
4. 10 जन॰ 2027, रविवार · 8:33 am – 12:07 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल तृतीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: श्रवण, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: रविवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: वज्र, किसी सूची में नहीं (0)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 8:33 am – 12:07 pm (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल तृतीया, श्रवण
अन्य शुभ समय: 1:46 pm – 3:05 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मकर 8:33 am – 9:19 am; कुंभ 9:19 am – 10:46 am; मीन 10:46 am – 12:07 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 8:33 am – 9:19 am
सूर्योदय 7:15 am · सूर्यास्त 5:41 pm
टालें: राहु काल 4:23 pm – 5:41 pm; यमगंड 12:28 pm – 1:46 pm; गुलिक 3:05 pm – 4:23 pm
5. 14 दिस॰ 2026, सोमवार · 2:50 pm – 5:25 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल पंचमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: श्रवण, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: व्याघात, किसी सूची में नहीं (0)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 2:50 pm – 5:25 pm (अमृत, लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल पंचमी, धनिष्ठा
अन्य शुभ समय: 7:05 am – 8:22 am (अमृत); 9:50 am – 10:58 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मेष 2:50 pm – 3:33 pm; वृषभ 3:33 pm – 5:25 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 2:50 pm – 3:33 pm
सूर्योदय 7:05 am · सूर्यास्त 5:25 pm
टालें: राहु काल 8:22 am – 9:40 am; यमगंड 10:58 am – 12:15 pm; गुलिक 1:33 pm – 2:50 pm
6. 11 नव॰ 2026, बुधवार · 3:19 pm – 5:29 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल द्वितीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: अनुराधा, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: अतिगण्ड, किसी सूची में नहीं (0)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 3:19 pm – 5:29 pm (लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल द्वितीया, ज्येष्ठा
अन्य शुभ समय: 6:40 am – 8:01 am (लाभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मीन 3:19 pm – 4:07 pm; मेष 4:07 pm – 5:29 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 4:07 pm – 5:29 pm
सूर्योदय 6:40 am · सूर्यास्त 5:29 pm
टालें: राहु काल 12:05 pm – 1:26 pm; यमगंड 8:01 am – 9:22 am; गुलिक 10:43 am – 12:05 pm
7. 1 नव॰ 2026, रविवार · 7:55 am – 11:42 am
कारण
- तिथि: कृष्ण सप्तमी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: पुष्य, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: रविवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: साध्य, किसी सूची में नहीं (0)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
- रवि पुष्य योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 7:55 am – 11:42 am (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण सप्तमी, पुष्य
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृश्चिक 7:55 am – 10:08 am; धनु 10:08 am – 11:42 am
सूर्योदय 6:32 am · सूर्यास्त 5:36 pm
टालें: राहु काल 4:13 pm – 5:36 pm; यमगंड 12:04 pm – 1:27 pm; गुलिक 2:50 pm – 4:13 pm
8. 4 जन॰ 2027, सोमवार · 3:01 pm – 5:37 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण द्वादशी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: अनुराधा, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: शूल, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 3:01 pm – 5:37 pm (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण द्वादशी, अनुराधा
अन्य शुभ समय: 7:14 am – 8:32 am (अमृत); 10:00 am – 11:08 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृषभ 3:01 pm – 4:06 pm; मिथुन 4:06 pm – 5:37 pm
सूर्योदय 7:14 am · सूर्यास्त 5:37 pm
टालें: राहु काल 8:32 am – 9:50 am; यमगंड 11:08 am – 12:25 pm; गुलिक 1:43 pm – 3:01 pm
9. 19 अक्टू॰ 2026, सोमवार · 6:24 am – 7:49 am
कारण
- तिथि: शुक्ल अष्टमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: धृति, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 6:24 am – 7:49 am (अमृत)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल अष्टमी, उत्तराषाढ़ा
अन्य शुभ समय: 9:26 am – 10:40 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: तुला 6:24 am – 7:49 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: तुला 6:24 am – 7:49 am
सूर्योदय 6:24 am · सूर्यास्त 5:47 pm
टालें: राहु काल 7:49 am – 9:15 am; यमगंड 10:40 am – 12:05 pm; गुलिक 1:31 pm – 2:56 pm
10. 25 दिस॰ 2026, शुक्रवार · 10:37 am – 11:03 am
कारण
- तिथि: कृष्ण द्वितीया, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: पुनर्वसु, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: ब्रह्म, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 10:37 am – 11:03 am (अमृत)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण द्वितीया, पुनर्वसु
अन्य शुभ समय: 4:13 pm – 5:30 pm (चर); 7:11 am – 8:28 am (चर)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: कुंभ 10:37 am – 11:03 am
सूर्योदय 7:11 am · सूर्यास्त 5:30 pm
टालें: राहु काल 11:03 am – 12:21 pm; यमगंड 2:56 pm – 4:13 pm; गुलिक 8:28 am – 9:46 am
11. 21 दिस॰ 2026, सोमवार · 2:53 pm – 5:28 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल द्वादशी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: भरणी, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सिद्ध, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 2:53 pm – 5:28 pm (अमृत, लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल द्वादशी, कृत्तिका
अन्य शुभ समय: 7:09 am – 8:26 am (अमृत); 9:54 am – 11:01 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मेष 2:53 pm – 3:05 pm; वृषभ 3:05 pm – 5:01 pm; मिथुन 5:01 pm – 5:28 pm
सूर्योदय 7:09 am · सूर्यास्त 5:28 pm
टालें: राहु काल 8:26 am – 9:44 am; यमगंड 11:01 am – 12:19 pm; गुलिक 1:36 pm – 2:53 pm
12. 23 अक्टू॰ 2026, शुक्रवार · 12:05 pm – 1:13 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल द्वादशी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: ध्रुव, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 12:05 pm – 1:13 pm (अभिजित मुहूर्त, शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल द्वादशी, पूर्व भाद्रपद
अन्य शुभ समय: 10:12 am – 10:40 am (अमृत); 4:19 pm – 5:43 pm (चर); 6:26 am – 7:51 am (चर)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 12:05 pm – 12:47 pm; मकर 12:47 pm – 1:13 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 12:47 pm – 1:13 pm
सूर्योदय 6:26 am · सूर्यास्त 5:43 pm
टालें: राहु काल 10:40 am – 12:05 pm; यमगंड 2:54 pm – 4:19 pm; गुलिक 7:51 am – 9:16 am
13. 6 नव॰ 2026, शुक्रवार · 12:04 pm – 12:35 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण द्वादशी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: हस्त, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: विष्कुम्भ, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 12:04 pm – 12:35 pm (अभिजित मुहूर्त, शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण त्रयोदशी, हस्त
अन्य शुभ समय: 10:15 am – 10:42 am (अमृत); 4:10 pm – 5:32 pm (चर); 6:36 am – 7:58 am (चर)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मकर 12:04 pm – 12:35 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 12:04 pm – 12:35 pm
सूर्योदय 6:36 am · सूर्यास्त 5:32 pm
टालें: राहु काल 10:42 am – 12:04 pm; यमगंड 2:48 pm – 4:10 pm; गुलिक 7:58 am – 9:20 am
14. 25 नव॰ 2026, बुधवार · 3:17 pm – 5:24 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: रोहिणी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: शिव, किसी सूची में नहीं (0)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 3:17 pm – 5:24 pm (लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण प्रतिपदा, रोहिणी
अन्य शुभ समय: 6:51 am – 8:10 am (लाभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मेष 3:17 pm – 4:48 pm; वृषभ 4:48 pm – 5:24 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 3:17 pm – 4:48 pm
सूर्योदय 6:51 am · सूर्यास्त 5:24 pm
टालें: राहु काल 12:07 pm – 1:27 pm; यमगंड 8:10 am – 9:29 am; गुलिक 10:48 am – 12:07 pm
15. 13 जन॰ 2027, बुधवार · 3:38 pm – 5:44 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल पंचमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: वरीयान, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 3:38 pm – 5:44 pm (लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल षष्ठी, पूर्व भाद्रपद
अन्य शुभ समय: 7:15 am – 8:33 am (लाभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मिथुन 3:38 pm – 5:44 pm
सूर्योदय 7:15 am · सूर्यास्त 5:44 pm
टालें: राहु काल 12:29 pm – 1:48 pm; यमगंड 8:33 am – 9:52 am; गुलिक 11:11 am – 12:29 pm
16. 21 अक्टू॰ 2026, बुधवार · 6:25 am – 7:50 am
कारण
- तिथि: शुक्ल दशमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: धनिष्ठा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: गण्ड, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 6:25 am – 7:50 am (लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल दशमी, धनिष्ठा
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: तुला 6:25 am – 7:50 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: तुला 6:25 am – 7:50 am
सूर्योदय 6:25 am · सूर्यास्त 5:45 pm
टालें: राहु काल 12:05 pm – 1:30 pm; यमगंड 7:50 am – 9:15 am; गुलिक 10:40 am – 12:05 pm
17. 11 दिस॰ 2026, शुक्रवार · 12:36 pm – 1:16 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल द्वितीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: गण्ड, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 12:36 pm – 1:16 pm (शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल तृतीया, पूर्वाषाढ़ा
अन्य शुभ समय: 4:07 pm – 5:25 pm (चर); 7:03 am – 8:21 am (चर)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: कुंभ 12:36 pm – 12:44 pm; मीन 12:44 pm – 1:16 pm
सूर्योदय 7:03 am · सूर्यास्त 5:25 pm
टालें: राहु काल 10:56 am – 12:14 pm; यमगंड 2:49 pm – 4:07 pm; गुलिक 8:21 am – 9:38 am
18. 22 नव॰ 2026, रविवार · 8:08 am – 11:45 am
कारण
- तिथि: शुक्ल त्रयोदशी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: अश्विनी, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: रविवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: व्यतीपात, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 8:08 am – 11:45 am (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल त्रयोदशी, अश्विनी
अन्य शुभ समय: 1:26 pm – 2:46 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृश्चिक 8:08 am – 8:45 am; धनु 8:45 am – 10:49 am; मकर 10:49 am – 11:45 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 10:49 am – 11:45 am
सूर्योदय 6:49 am · सूर्यास्त 5:25 pm
टालें: राहु काल 4:05 pm – 5:25 pm; यमगंड 12:07 pm – 1:26 pm; गुलिक 2:46 pm – 4:05 pm
19. 12 नव॰ 2026, गुरुवार · 11:43 am – 1:26 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल तृतीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: ज्येष्ठा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: गुरुवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सुकर्मा, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 11:43 am – 1:26 pm (अभिजित मुहूर्त, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल तृतीया, ज्येष्ठा
अन्य शुभ समय: 4:08 pm – 5:29 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मकर 11:43 am – 1:11 pm; कुंभ 1:11 pm – 1:26 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 11:43 am – 1:11 pm
सूर्योदय 6:41 am · सूर्यास्त 5:29 pm
टालें: राहु काल 1:26 pm – 2:47 pm; यमगंड 6:41 am – 8:02 am; गुलिक 9:23 am – 10:44 am
20. 17 दिस॰ 2026, गुरुवार · 11:56 am – 1:34 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल अष्टमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: गुरुवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सिद्धि, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 11:56 am – 1:34 pm (अभिजित मुहूर्त, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल अष्टमी, पूर्व भाद्रपद
अन्य शुभ समय: 4:09 pm – 5:26 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: कुंभ 11:56 am – 12:21 pm; मीन 12:21 pm – 1:34 pm
सूर्योदय 7:07 am · सूर्यास्त 5:26 pm
टालें: राहु काल 1:34 pm – 2:52 pm; यमगंड 7:07 am – 8:24 am; गुलिक 9:42 am – 10:59 am
21. 15 अक्टू॰ 2026, गुरुवार · 12:03 pm – 1:33 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल पंचमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: ज्येष्ठा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: गुरुवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सौभाग्य, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 12:03 pm – 1:33 pm (अभिजित मुहूर्त, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल पंचमी, ज्येष्ठा
अन्य शुभ समय: 4:25 pm – 5:51 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 12:03 pm – 1:19 pm; मकर 1:19 pm – 1:33 pm
सूर्योदय 6:21 am · सूर्यास्त 5:51 pm
टालें: राहु काल 1:33 pm – 2:59 pm; यमगंड 6:21 am – 7:48 am; गुलिक 9:14 am – 10:40 am
22. 11 जन॰ 2027, सोमवार · 7:15 am – 8:33 am
कारण
- तिथि: शुक्ल तृतीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: धनिष्ठा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सिद्धि, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 7:15 am – 8:33 am (अमृत)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल तृतीया, धनिष्ठा
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 7:15 am – 7:33 am; मकर 7:33 am – 8:33 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 7:33 am – 8:33 am
सूर्योदय 7:15 am · सूर्यास्त 5:42 pm
टालें: राहु काल 8:33 am – 9:52 am; यमगंड 11:10 am – 12:28 pm; गुलिक 1:47 pm – 3:05 pm
23. 19 दिस॰ 2026, शनिवार · 2:52 pm – 4:10 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल दशमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: रेवती, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शनिवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: वरीयान, किसी सूची में नहीं (0)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 2:52 pm – 4:10 pm (अमृत, लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल दशमी, रेवती
अन्य शुभ समय: 11:57 am – 12:38 pm (अभिजित मुहूर्त, चर); 8:30 am – 9:43 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मेष 2:52 pm – 3:13 pm; वृषभ 3:13 pm – 4:10 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 2:52 pm – 3:13 pm
सूर्योदय 7:08 am · सूर्यास्त 5:27 pm
टालें: राहु काल 9:43 am – 11:00 am; यमगंड 1:35 pm – 2:52 pm; गुलिक 7:08 am – 8:25 am
24. 16 अक्टू॰ 2026, शुक्रवार · 12:06 pm – 1:15 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल षष्ठी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: ज्येष्ठा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: शोभन, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 12:06 pm – 1:15 pm (अभिजित मुहूर्त, शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल षष्ठी, मूल
अन्य शुभ समय: 10:11 am – 10:40 am (अमृत); 4:24 pm – 5:50 pm (चर); 6:22 am – 7:48 am (चर)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 12:06 pm – 1:15 pm
सूर्योदय 6:22 am · सूर्यास्त 5:50 pm
टालें: राहु काल 10:40 am – 12:06 pm; यमगंड 2:58 pm – 4:24 pm; गुलिक 7:48 am – 9:14 am
25. 24 अक्टू॰ 2026, शनिवार · 11:42 am – 12:27 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल त्रयोदशी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शनिवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: व्याघात, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 11:42 am – 12:27 pm (अभिजित मुहूर्त, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल त्रयोदशी, उत्तर भाद्रपद
अन्य शुभ समय: 8:00 am – 9:16 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 11:42 am – 12:27 pm
सूर्योदय 6:27 am · सूर्यास्त 5:42 pm
टालें: राहु काल 9:16 am – 10:40 am; यमगंड 1:29 pm – 2:54 pm; गुलिक 6:27 am – 7:51 am
26. 16 दिस॰ 2026, बुधवार · 3:22 pm – 5:26 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल सप्तमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: शतभिषा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: वज्र, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 3:22 pm – 5:26 pm (लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल सप्तमी, पूर्व भाद्रपद
अन्य शुभ समय: 7:06 am – 8:24 am (लाभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मेष 3:22 pm – 3:25 pm; वृषभ 3:25 pm – 5:21 pm; मिथुन 5:21 pm – 5:26 pm
सूर्योदय 7:06 am · सूर्यास्त 5:26 pm
टालें: राहु काल 12:16 pm – 1:34 pm; यमगंड 8:24 am – 9:41 am; गुलिक 10:59 am – 12:16 pm
27. 30 दिस॰ 2026, बुधवार · 7:13 am – 8:30 am
कारण
- तिथि: कृष्ण सप्तमी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सौभाग्य, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 7:13 am – 8:30 am (लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण सप्तमी, उत्तर फाल्गुनी
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 7:13 am – 8:20 am; मकर 8:20 am – 8:30 am
सूर्योदय 7:13 am · सूर्यास्त 5:33 pm
टालें: राहु काल 12:23 pm – 1:41 pm; यमगंड 8:30 am – 9:48 am; गुलिक 11:05 am – 12:23 pm
28. 12 दिस॰ 2026, शनिवार · 8:26 am – 9:39 am
कारण
- तिथि: शुक्ल तृतीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शनिवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: वृद्धि, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 8:26 am – 9:39 am (शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल तृतीया, उत्तराषाढ़ा
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 8:26 am – 9:31 am; मकर 9:31 am – 9:39 am
सूर्योदय 7:04 am · सूर्यास्त 5:25 pm
टालें: राहु काल 9:39 am – 10:57 am; यमगंड 1:32 pm – 2:50 pm; गुलिक 7:04 am – 8:21 am
29. 18 अक्टू॰ 2026, रविवार · 7:49 am – 8:28 am
कारण
- तिथि: शुक्ल सप्तमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: रविवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सुकर्मा, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 7:49 am – 8:28 am (चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल सप्तमी, पूर्वाषाढ़ा
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: तुला 7:49 am – 8:28 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: तुला 7:49 am – 8:28 am
सूर्योदय 6:23 am · सूर्यास्त 5:48 pm
टालें: राहु काल 4:23 pm – 5:48 pm; यमगंड 12:06 pm – 1:31 pm; गुलिक 2:57 pm – 4:23 pm
30. 20 नव॰ 2026, शुक्रवार · 6:47 am – 7:16 am
कारण
- तिथि: शुक्ल दशमी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: वज्र, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 6:47 am – 7:16 am (चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल दशमी, पूर्व भाद्रपद
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृश्चिक 6:47 am – 7:16 am
सूर्योदय 6:47 am · सूर्यास्त 5:25 pm
टालें: राहु काल 10:46 am – 12:06 pm; यमगंड 2:46 pm – 4:05 pm; गुलिक 8:07 am – 9:27 am
31. 30 नव॰ 2026, सोमवार · 2:46 pm – 5:23 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण सप्तमी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: आश्लेषा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: इन्द्र, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 2:46 pm – 5:23 pm (अमृत, लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण सप्तमी, मघा
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मीन 2:46 pm – 2:53 pm; मेष 2:53 pm – 4:28 pm; वृषभ 4:28 pm – 5:23 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 2:53 pm – 4:28 pm
सूर्योदय 6:55 am · सूर्यास्त 5:23 pm
टालें: राहु काल 8:13 am – 9:32 am; यमगंड 10:51 am – 12:09 pm; गुलिक 1:28 pm – 2:46 pm
32. 21 नव॰ 2026, शनिवार · 2:46 pm – 4:05 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल द्वादशी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शनिवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: सिद्धि, किसी सूची में नहीं (0)
- पंचक लगा है: परंपरा में इसमें दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना और चारपाई बनाना टाला जाता है
सबसे अच्छा समय: 2:46 pm – 4:05 pm (अमृत)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल द्वादशी, रेवती
अन्य शुभ समय: 11:45 am – 12:28 pm (अभिजित मुहूर्त, चर); 8:13 am – 9:27 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मीन 2:46 pm – 3:28 pm; मेष 3:28 pm – 4:05 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 3:28 pm – 4:05 pm
सूर्योदय 6:48 am · सूर्यास्त 5:25 pm
टालें: राहु काल 9:27 am – 10:47 am; यमगंड 1:26 pm – 2:46 pm; गुलिक 6:48 am – 8:07 am
33. 9 जन॰ 2027, शनिवार · 3:04 pm – 4:22 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल द्वितीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शनिवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: हर्षण, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 3:04 pm – 4:22 pm (अमृत)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल द्वितीया, श्रवण
अन्य शुभ समय: 12:07 pm – 12:49 pm (अभिजित मुहूर्त, चर); 8:38 am – 9:51 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृषभ 3:04 pm – 3:46 pm; मिथुन 3:46 pm – 4:22 pm
सूर्योदय 7:15 am · सूर्यास्त 5:41 pm
टालें: राहु काल 9:51 am – 11:09 am; यमगंड 1:46 pm – 3:04 pm; गुलिक 7:15 am – 8:33 am
34. 22 दिस॰ 2026, मंगलवार · 11:17 am – 12:19 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल त्रयोदशी, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: कृत्तिका, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: मंगलवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: साध्य, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- सर्वार्थ सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 11:17 am – 12:19 pm (अभिजित मुहूर्त, लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल त्रयोदशी, रोहिणी
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: कुंभ 11:17 am – 12:01 pm; मीन 12:01 pm – 12:19 pm
सूर्योदय 7:09 am · सूर्यास्त 5:29 pm
टालें: राहु काल 2:54 pm – 4:11 pm; यमगंड 9:44 am – 11:02 am; गुलिक 12:19 pm – 1:37 pm
35. 6 दिस॰ 2026, रविवार · 8:17 am – 11:51 am
कारण
- तिथि: कृष्ण त्रयोदशी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: स्वाति, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: रविवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: शोभन, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 8:17 am – 11:51 am (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण त्रयोदशी, स्वाति
अन्य शुभ समय: 1:30 pm – 2:48 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 8:17 am – 9:54 am; मकर 9:54 am – 11:37 am; कुंभ 11:37 am – 11:51 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 9:54 am – 11:37 am
सूर्योदय 6:59 am · सूर्यास्त 5:24 pm
टालें: राहु काल 4:06 pm – 5:24 pm; यमगंड 12:12 pm – 1:30 pm; गुलिक 2:48 pm – 4:06 pm
36. 28 दिस॰ 2026, सोमवार · 2:57 pm – 5:32 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण पंचमी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: मघा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: सोमवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: प्रीति, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 2:57 pm – 5:32 pm (अमृत, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण पंचमी, मघा
अन्य शुभ समय: 7:12 am – 8:30 am (अमृत); 9:57 am – 11:05 am (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृषभ 2:57 pm – 4:33 pm; मिथुन 4:33 pm – 5:32 pm
सूर्योदय 7:12 am · सूर्यास्त 5:32 pm
टालें: राहु काल 8:30 am – 9:47 am; यमगंड 11:05 am – 12:22 pm; गुलिक 1:40 pm – 2:57 pm
37. 26 नव॰ 2026, गुरुवार · 11:47 am – 1:27 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण द्वितीया, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: मृगशिरा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: गुरुवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: सिद्ध, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 11:47 am – 1:27 pm (अभिजित मुहूर्त, लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण द्वितीया, मृगशिरा
अन्य शुभ समय: 4:05 pm – 5:24 pm (शुभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मकर 11:47 am – 12:16 pm; कुंभ 12:16 pm – 1:27 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 11:47 am – 12:16 pm
सूर्योदय 6:52 am · सूर्यास्त 5:24 pm
टालें: राहु काल 1:27 pm – 2:46 pm; यमगंड 6:52 am – 8:11 am; गुलिक 9:30 am – 10:49 am
38. 13 अक्टू॰ 2026, मंगलवार · 10:57 am – 12:07 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल तृतीया, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- नक्षत्र: विशाखा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: मंगलवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: प्रीति, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
सबसे अच्छा समय: 10:57 am – 12:07 pm (अभिजित मुहूर्त, लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल तृतीया, विशाखा
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृश्चिक 10:57 am – 11:23 am; धनु 11:23 am – 12:07 pm
सूर्योदय 6:20 am · सूर्यास्त 5:53 pm
टालें: राहु काल 3:00 pm – 4:27 pm; यमगंड 9:13 am – 10:40 am; गुलिक 12:07 pm – 1:33 pm
39. 30 अक्टू॰ 2026, शुक्रवार · 12:04 pm – 1:11 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण पंचमी, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: मृगशिरा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: शिव, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 12:04 pm – 1:11 pm (अभिजित मुहूर्त, शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण पंचमी, आर्द्रा
अन्य शुभ समय: 10:13 am – 10:41 am (अमृत); 4:14 pm – 5:37 pm (चर); 6:31 am – 7:54 am (चर)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 12:04 pm – 12:20 pm; मकर 12:20 pm – 1:11 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 12:20 pm – 1:11 pm
सूर्योदय 6:31 am · सूर्यास्त 5:37 pm
टालें: राहु काल 10:41 am – 12:04 pm; यमगंड 2:51 pm – 4:14 pm; गुलिक 7:54 am – 9:18 am
40. 8 जन॰ 2027, शुक्रवार · 12:27 pm – 1:30 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल प्रतिपदा, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: शुक्रवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: व्याघात, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 12:27 pm – 1:30 pm (अभिजित मुहूर्त, शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल प्रतिपदा, उत्तराषाढ़ा
अन्य शुभ समय: 10:43 am – 11:09 am (अमृत); 4:22 pm – 5:40 pm (चर); 7:15 am – 8:33 am (चर)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मेष 12:27 pm – 1:30 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 12:27 pm – 1:30 pm
सूर्योदय 7:15 am · सूर्यास्त 5:40 pm
टालें: राहु काल 11:09 am – 12:27 pm; यमगंड 3:04 pm – 4:22 pm; गुलिक 8:33 am – 9:51 am
41. 9 दिस॰ 2026, बुधवार · 3:20 pm – 5:24 pm
कारण
- तिथि: शुक्ल प्रतिपदा, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: ज्येष्ठा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: धृति, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 3:20 pm – 5:24 pm (लाभ, चर)
उस समय तिथि और नक्षत्र: शुक्ल प्रतिपदा, ज्येष्ठा
अन्य शुभ समय: 7:02 am – 8:19 am (लाभ)
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: मेष 3:20 pm – 3:53 pm; वृषभ 3:53 pm – 5:24 pm
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मेष 3:20 pm – 3:53 pm
सूर्योदय 7:02 am · सूर्यास्त 5:24 pm
टालें: राहु काल 12:13 pm – 1:31 pm; यमगंड 8:19 am – 9:37 am; गुलिक 10:55 am – 12:13 pm
42. 28 अक्टू॰ 2026, बुधवार · 6:30 am – 7:53 am
कारण
- तिथि: कृष्ण तृतीया, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: कृत्तिका, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: बुधवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: व्यतीपात, किसी सूची में नहीं (0)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 6:30 am – 7:53 am (लाभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण तृतीया, कृत्तिका
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: तुला 6:30 am – 7:53 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: तुला 6:30 am – 7:53 am
सूर्योदय 6:30 am · सूर्यास्त 5:39 pm
टालें: राहु काल 12:04 pm – 1:28 pm; यमगंड 7:53 am – 9:17 am; गुलिक 10:41 am – 12:04 pm
43. 24 दिस॰ 2026, गुरुवार · 4:12 pm – 5:30 pm
कारण
- तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: आर्द्रा, किसी सूची में नहीं (0)
- वार: गुरुवार, किसी सूची में नहीं (0)
- योग: शुक्ल, किसी सूची में नहीं (0)
सबसे अच्छा समय: 4:12 pm – 5:30 pm (शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण प्रतिपदा, आर्द्रा
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: वृषभ 4:12 pm – 4:49 pm; मिथुन 4:49 pm – 5:30 pm
सूर्योदय 7:10 am · सूर्यास्त 5:30 pm
टालें: राहु काल 1:38 pm – 2:55 pm; यमगंड 7:10 am – 8:28 am; गुलिक 9:45 am – 11:03 am
44. 26 दिस॰ 2026, शनिवार · 8:34 am – 9:43 am
कारण
- तिथि: कृष्ण तृतीया, किसी सूची में नहीं (0)
- नक्षत्र: पुष्य, इस कार्य के लिए शुभ (+10)
- वार: शनिवार, इस कार्य के लिए अशुभ (−15)
- योग: वैधृति, किसी सूची में नहीं (0)
- अमृत सिद्धि योग (+5)
- भद्रा (विष्टि करण) लगी है: उसका समय मुहूर्त से बाहर रखा गया
सबसे अच्छा समय: 8:34 am – 9:43 am (शुभ)
उस समय तिथि और नक्षत्र: कृष्ण तृतीया, पुष्य
सबसे अच्छे समय में उदित लग्न: धनु 8:34 am – 8:36 am; मकर 8:36 am – 9:43 am
इस कार्य के लिए चर राशि लग्न पसंद की जाती है: मकर 8:36 am – 9:43 am
सूर्योदय 7:11 am · सूर्यास्त 5:31 pm
टालें: राहु काल 9:46 am – 11:04 am; यमगंड 1:39 pm – 2:56 pm; गुलिक 7:11 am – 8:29 am
हटाए गए दिन (49) और कारण
| 14 अक्टू॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
|---|---|
| 17 अक्टू॰ 2026 | अंक 45, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 20 अक्टू॰ 2026 | अंक 30, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 22 अक्टू॰ 2026 | सूर्योदय पर एकादशी, जिसे यह नियम वर्जित करता है |
| 25 अक्टू॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 26 अक्टू॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 27 अक्टू॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 29 अक्टू॰ 2026 | अंक 45, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 31 अक्टू॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 2 नव॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 3 नव॰ 2026 | अंक 20, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 4 नव॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 5 नव॰ 2026 | सूर्योदय पर एकादशी, जिसे यह नियम वर्जित करता है |
| 7 नव॰ 2026 | अंक 40, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 8 नव॰ 2026 | अंक 40, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 9 नव॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 10 नव॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 13 नव॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 14 नव॰ 2026 | अंक 45, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 17 नव॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 18 नव॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 19 नव॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 23 नव॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 24 नव॰ 2026 | अंक 25, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 27 नव॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 28 नव॰ 2026 | अंक 45, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 1 दिस॰ 2026 | अंक 25, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 2 दिस॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 3 दिस॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 4 दिस॰ 2026 | सूर्योदय पर एकादशी, जिसे यह नियम वर्जित करता है; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 5 दिस॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 7 दिस॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 8 दिस॰ 2026 | अंक 30, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 10 दिस॰ 2026 | अंक 40, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 13 दिस॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 15 दिस॰ 2026 | अंक 45, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 18 दिस॰ 2026 | अंक 45, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 20 दिस॰ 2026 | सूर्योदय पर एकादशी, जिसे यह नियम वर्जित करता है; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 23 दिस॰ 2026 | राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 27 दिस॰ 2026 | अंक 40, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 29 दिस॰ 2026 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 31 दिस॰ 2026 | अंक 45, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 1 जन॰ 2027 | अंक 40, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 2 जन॰ 2027 | अंक 40, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 3 जन॰ 2027 | सूर्योदय पर एकादशी, जिसे यह नियम वर्जित करता है; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 5 जन॰ 2027 | अंक 40, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
| 6 जन॰ 2027 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 7 जन॰ 2027 | अंक 35, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं; राहु काल, यमगंड, गुलिक, भद्रा और अशुभ तिथि-नक्षत्र हटाने के बाद कोई शुभ समय नहीं बचा |
| 12 जन॰ 2027 | अंक 20, 50 से कम: अशुभ तिथि, नक्षत्र या वार शुभ बातों पर भारी हैं |
समय चुने गए स्थान के स्थानीय समय में हैं और मिनट तक पूर्णांकित हैं। ग्रह स्थिति लाहिरी अयनांश से है; सूर्योदय, चौघड़िया और राहु काल लाइब्रेरी के पंचांग से हैं, जो प्रकाशित पंचांगों से कुछ मिनट के भीतर मिलते हैं। इसे शॉर्टलिस्ट मानें: विवाह या गृह प्रवेश के लिए अंतिम मुहूर्त और लग्न अपने पुरोहित से पक्का करें।
इस पृष्ठ पर प्रयुक्त नियम
ये सूचियाँ panchang-ts लाइब्रेरी के इस कार्य के मानक नियम से हैं, जो मुहूर्त चिंतामणि, मुहूर्त दर्पण और बृहत् पाराशर होरा शास्त्र का हवाला देता है। तिथि, नक्षत्र और वार सूर्योदय के समय देखे जाते हैं, जैसा लाइब्रेरी करती है। * चिह्न वाले हमारे सुधार हैं (नीचे देखें)। हर दिन 50 से शुरू होता है। उत्तीर्ण अंक: 50।
| शुभ तिथियाँ (+10) | शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया, शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी, शुक्ल अष्टमी, शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
|---|---|
| अशुभ तिथियाँ (−15) | शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल नवमी, शुक्ल चतुर्दशी*, पूर्णिमा, कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी*, कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या |
| शुभ नक्षत्र (+10) | रोहिणी, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, उत्तर भाद्रपद, रेवती |
| अशुभ नक्षत्र (−15) | कोई नहीं |
| शुभ वार (+10) | कोई नहीं |
| अशुभ वार (−15) | मंगलवार, शनिवार |
| योग | कोई सूची नहीं; अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि, रवि पुष्य और गुरु पुष्य +5, ज्वालामुखी −10। |
| पूरा दिन वर्जित जब | सूर्योदय पर एकादशी |
| शुभ समय से बाहर रखा गया | राहु काल, यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्यम, और वे घंटे जब अशुभ तिथि या नक्षत्र चल रहा हो; भद्रा (विष्टि करण). समय इनमें से चुना जाता है: अभिजित मुहूर्त (बुधवार को नहीं) और चौघड़िया अमृत, शुभ, लाभ, चर; केवल दिन में। |
| ऋतु संबंधी रोक (परंपराएँ भिन्न) | कोई नहीं |
| पसंदीदा लग्न | चर राशि |
जहाँ हम लाइब्रेरी से अलग हैं
- रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या सदा अशुभ गिनी जाती हैं। कुछ मानक सूचियाँ इनमें से किसी को शुभ में रखती हैं, जैसे शुक्ल चतुर्दशी, जो परंपरा से अधिक 0 और 1 से गिनती की चूक लगती है। इन्हें * से चिह्नित किया गया है।
- भद्रा: भद्रा का स्पर्श होते ही लाइब्रेरी पूरा दिन हटा देती है, जिससे हमारी जाँच में लगभग 40% दिन हट गए। मुहूर्त चिंतामणि विष्टि करण की अवधि वर्जित करता है, इसलिए हम दिन रखते हैं और भद्रा का समय मुहूर्त से बाहर रखते हैं।
- गंड मूल: जहाँ नियम इसे वर्जित करता है, लाइब्रेरी हर वह दिन हटा देती है जिसके सूर्योदय पर चंद्रमा अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल या रेवती में हो, जबकि वही मघा, मूल और रेवती को विवाह के लिए शुभ मानती है। गंड मूल जन्म का नियम है; मुहूर्त में शास्त्र गंडांत संधि टालते हैं, इसलिए हम हर संधि के दोनों ओर एक चरण का समय मुहूर्त से बाहर रखते हैं।
यात्रा मुहूर्त में क्या देखा जाता है
यात्रा मुहूर्त घर से निकलने के क्षण पर देखा जाता है। नियम लघु और चर नक्षत्रों को शुभ मानता है, जिनमें रोहिणी, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, उत्तरा भाद्रपद और रेवती हैं, मंगलवार और शनिवार को अंक घटाने वाला मानता है, और एकादशी वर्जित करता है। चर चौघड़िया और चर लग्न (मेष, कर्क, तुला, मकर) यात्रा के अनुकूल हैं।
दो शास्त्रीय नियम दिशा पर निर्भर हैं, जो यह खोजक नहीं जानता। दिशा शूल सोमवार और शनिवार को पूर्व, रविवार और शुक्रवार को पश्चिम, मंगलवार और बुधवार को उत्तर, और गुरुवार को दक्षिण की यात्रा वर्जित करता है। पंचक केवल दक्षिण दिशा की यात्रा रोकता है; खोजक पंचक वाले दिनों पर चिह्न लगाता है ताकि आप जाँच सकें।
यदि किसी और दिन जाना ही हो
- परंपरा प्रस्थान की अनुमति देती है: शुभ समय में भरा हुआ बैग या कोई निजी वस्तु घर से बाहर रख दें, और बाद में निकलें।
- राहु काल में आरंभ न करें; यहाँ का हर समय उसे पहले ही छोड़ देता है।
तिथियाँ कैसे चुनी जाती हैं
अवधि का हर दिन पंचांग के उन चार अंगों पर जाँचा जाता है जो मुहूर्त में मायने रखते हैं: तिथि, नक्षत्र, वार और योग, सभी सूर्योदय के समय। हर दिन 50 से शुरू होता है; कार्य की शुभ सूची का अंग 10 जोड़ता है और अशुभ सूची का अंग 15 घटाता है। अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि, रवि पुष्य और गुरु पुष्य 5 जोड़ते हैं, ज्वालामुखी 10 घटाता है। 50 से कम अंक वाले दिन हट जाते हैं, और वे भी जिन्हें नियम सीधे वर्जित करता है, जैसे एकादशी, ग्रहण या अधिक मास।
फिर ऋतु: खरमास, चातुर्मास, गुरु या शुक्र अस्त, होलाष्टक या पितृ पक्ष, जो भी उस कार्य पर लागू हों। इन्हीं पर परंपराएँ सबसे अधिक अलग हैं, इसलिए आप चाहें तो ये दिन छिपाने के बजाय चिह्न के साथ देख सकते हैं।
अंत में समय। बचे हुए हर दिन में चौघड़िया के शुभ खंड और अभिजित मुहूर्त लिए जाते हैं, और उनमें से राहु काल, यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्यम, भद्रा और वे घंटे हटाए जाते हैं जब कोई अशुभ तिथि या नक्षत्र आरंभ हो चुका हो। जो सबसे अच्छा हिस्सा बचे, वही दिखाया गया समय है; अगर कम से कम 24 मिनट न बचें तो दिन हट जाता है। दिनों का क्रम अंक से, फिर समय की गुणवत्ता और लंबाई से तय होता है।
व्यक्तिगत तिथियाँ: तारा बल और चंद्र बल
कोई दिन सामान्य रूप से अच्छा होकर भी किसी एक व्यक्ति के लिए कमज़ोर हो सकता है। मुहूर्त चिंतामणि की दो जाँचें इसे व्यक्तिगत बनाती हैं। तारा बल जन्म नक्षत्र से दिन के नक्षत्र तक गिनकर नौ ताराओं के चक्र में बदलता है; तीसरी (विपत), पाँचवीं (प्रत्यरि) और सातवीं (वध) तारा अशुभ हैं। चंद्र बल में दिन का चंद्रमा जन्म राशि से किस भाव में है, यह देखा जाता है; 1, 3, 6, 7, 10 और 11 भाव शुभ हैं।
व्यक्तिगत मोड केवल वे घंटे रखता है जब दोनों शुभ हों, और जिन दिनों में ऐसा समय न बचे उन्हें हटा देता है। विवाह में शास्त्र वर और वधू दोनों को देखते हैं; दोनों के लिए अलग-अलग चलाएँ और ऐसी तिथि चुनें जो दोनों के लिए शुभ हो। कुछ ग्रंथ शुक्ल पक्ष में चंद्र बल और कृष्ण पक्ष में तारा बल को निर्णायक मानते हैं; हम दोनों को सख़्ती से लागू करते हैं।
यात्रा मुहूर्त: सामान्य प्रश्न
दिशा शूल क्या है?
वार और दिशा का नियम: सोमवार और शनिवार को पूर्व, रविवार और शुक्रवार को पश्चिम, मंगलवार और बुधवार को उत्तर, और गुरुवार को दक्षिण टाला जाता है। इसे यहाँ दिखाए गए समय के साथ मिला लें।
क्या पंचक में यात्रा अशुभ है?
परंपरा में पंचक में केवल दक्षिण दिशा की यात्रा टाली जाती है। खोजक पंचक वाले दिन हटाने के बजाय चिह्नित करता है।
कौन सा स्थान चुनें, घर या गंतव्य?
वह स्थान जहाँ से आप निकल रहे हैं, क्योंकि मुहूर्त प्रस्थान के क्षण का है।
क्या यह ज्योतिषी का विकल्प है?
नहीं। यह पंचांग से तर्कसंगत शॉर्टलिस्ट देता है। अंतिम मुहूर्त, विशेषकर मुख्य कर्म का लग्न, पुरोहित या ज्योतिषी तय करते हैं जो परिवार की कुंडलियाँ और स्थानीय रीति भी देखते हैं।
मेरे पंचांग में तिथियाँ अलग क्यों हैं?
पंचांग अलग-अलग परंपराओं पर चलते हैं। वे ऋतु संबंधी रोक, भद्रा पूरे दिन को दूषित करती है या केवल उसके घंटों को, गुरु-शुक्र के अस्त की सीमा और क्षेत्रीय रीतियों पर भिन्न होते हैं। यह पृष्ठ अपने पूरे नियम दिखाता है, ताकि आप देख सकें कि कोई तिथि क्यों है या क्यों नहीं।
विवाह या घर का मुहूर्त पंचांग और परिवार की कुंडलियों, दोनों से तय करना सबसे अच्छा है। व्यक्तिगत मुहूर्त के लिए परामर्श बुक करें।
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