वार्षिक गोचर कैलेंडर

ग्रह गोचर कैलेंडर 1934

1934 के लिए सभी नवग्रह राशि प्रवेश तिथि और समय, लाहिरी अयनांश और सत्य पात से।

1934 के बड़े बदलाव

  • गुरु

    गुरु तीन बार राशि बदलता है: 25 जनवरी को तुला में, 20 फ़रवरी को कन्या में (वक्री) और 6 सितंबर को तुला में।

    गुरु 1934 →

  • शनि

    शनि तीन बार राशि बदलता है: 15 मार्च को कुंभ में, 14 सितंबर को मकर में (वक्री) और 7 दिसंबर को कुंभ में।

    शनि 1934 →

  • राहु और केतु

    राहु और केतु पूरे 1934 में मकर और कर्क में रहते हैं।

    राहु 1934 →केतु 1934 →

तेज़ ग्रह बार-बार राशि बदलते हैं: सूर्य 12 बार, बुध 14 बार, शुक्र 13 बार और मंगल 8 बार। चंद्र लगभग हर 2–3 दिन में राशि बदलता है। वर्ष का हर राशि परिवर्तन नीचे माहवार दिया गया है।

ग्रहानुसार पृष्ठ

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात. चंद्र गोचर चंद्र पृष्ठ पर माहवार सूचीबद्ध हैं।

जनवरी 1934

ग्रहप्रवेशसमय
शुक्रकुंभमकर से
सूर्यमकरधनु से
बुधमकरधनु से
शुक्रमकरकुंभ से · वक्री
गुरुतुलाकन्या से
मंगलकुंभमकर से

फ़रवरी 1934

ग्रहप्रवेशसमय
बुधकुंभमकर से
सूर्यकुंभमकर से
गुरुकन्यातुला से · वक्री

मार्च 1934

ग्रहप्रवेशसमय
मंगलमीनकुंभ से
सूर्यमीनकुंभ से
शनिकुंभमकर से
शुक्रकुंभमकर से

अप्रैल 1934

ग्रहप्रवेशसमय
बुधमीनकुंभ से
मंगलमेषमीन से
सूर्यमेषमीन से
बुधमेषमीन से
शुक्रमीनकुंभ से

मई 1934

ग्रहप्रवेशसमय
बुधवृषभमेष से
सूर्यवृषभमेष से
मंगलवृषभमेष से
शुक्रमेषमीन से
बुधमिथुनवृषभ से

जून 1934

ग्रहप्रवेशसमय
सूर्यमिथुनवृषभ से
शुक्रवृषभमेष से
बुधकर्कमिथुन से

जुलाई 1934

ग्रहप्रवेशसमय
बुधमिथुनकर्क से · वक्री
मंगलमिथुनवृषभ से
सूर्यकर्कमिथुन से
शुक्रमिथुनवृषभ से

अगस्त 1934

ग्रहप्रवेशसमय
बुधकर्कमिथुन से
शुक्रकर्कमिथुन से
सूर्यसिंहकर्क से
मंगलकर्कमिथुन से
बुधसिंहकर्क से

सितंबर 1934

ग्रहप्रवेशसमय
शुक्रसिंहकर्क से
बुधकन्यासिंह से
गुरुतुलाकन्या से
शनिमकरकुंभ से · वक्री
सूर्यकन्यासिंह से
बुधतुलाकन्या से
शुक्रकन्यासिंह से

अक्टूबर 1934

ग्रहप्रवेशसमय
मंगलसिंहकर्क से
सूर्यतुलाकन्या से
शुक्रतुलाकन्या से

नवंबर 1934

ग्रहप्रवेशसमय
सूर्यवृश्चिकतुला से
शुक्रवृश्चिकतुला से
मंगलकन्यासिंह से

दिसंबर 1934

ग्रहप्रवेशसमय
बुधवृश्चिकतुला से
शनिकुंभमकर से
शुक्रधनुवृश्चिक से
सूर्यधनुवृश्चिक से
बुधधनुवृश्चिक से

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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