वार्षिक गोचर कैलेंडर

ग्रह गोचर कैलेंडर 2076

2076 के लिए सभी नवग्रह राशि प्रवेश तिथि और समय, लाहिरी अयनांश और सत्य पात से।

2076 के बड़े बदलाव

  • गुरु

    गुरु 17 अक्टूबर को कन्या से तुला में जाता है।

    गुरु 2076 →

  • शनि

    शनि तीन बार राशि बदलता है: 16 जनवरी को धनु में, 11 जुलाई को वृश्चिक में (वक्री) और 11 अक्टूबर को धनु में।

    शनि 2076 →

  • राहु और केतु

    राहु और केतु 7 अगस्त को वृषभ और वृश्चिक में जाते हैं।

    राहु 2076 →केतु 2076 →

तेज़ ग्रह बार-बार राशि बदलते हैं: सूर्य 12 बार, बुध 13 बार, शुक्र 13 बार और मंगल 6 बार। चंद्र लगभग हर 2–3 दिन में राशि बदलता है। वर्ष का हर राशि परिवर्तन नीचे माहवार दिया गया है।

ग्रहानुसार पृष्ठ

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात. चंद्र गोचर चंद्र पृष्ठ पर माहवार सूचीबद्ध हैं।

जनवरी 2076

ग्रहप्रवेशसमय
शुक्रकुंभमकर से
सूर्यमकरधनु से
शनिधनुवृश्चिक से
शुक्रमीनकुंभ से

फ़रवरी 2076

ग्रहप्रवेशसमय
बुधमकरधनु से
सूर्यकुंभमकर से
बुधकुंभमकर से
शुक्रमेषमीन से

मार्च 2076

ग्रहप्रवेशसमय
बुधमीनकुंभ से
सूर्यमीनकुंभ से
बुधमेषमीन से
शुक्रवृषभमेष से
मंगलसिंहकन्या से · वक्री

अप्रैल 2076

ग्रहप्रवेशसमय
सूर्यमेषमीन से

मई 2076

ग्रहप्रवेशसमय
सूर्यवृषभमेष से
शुक्रमेषवृषभ से · वक्री
मंगलकन्यासिंह से

जून 2076

ग्रहप्रवेशसमय
बुधवृषभमेष से
सूर्यमिथुनवृषभ से
बुधमिथुनवृषभ से
शुक्रवृषभमेष से

जुलाई 2076

ग्रहप्रवेशसमय
बुधकर्कमिथुन से
शनिवृश्चिकधनु से · वक्री
सूर्यकर्कमिथुन से
बुधसिंहकर्क से

अगस्त 2076

ग्रहप्रवेशसमय
शुक्रमिथुनवृषभ से
मंगलतुलाकन्या से
राहुवृषभमिथुन से · वक्री
केतुवृश्चिकधनु से · वक्री
सूर्यसिंहकर्क से
शुक्रकर्कमिथुन से

सितंबर 2076

ग्रहप्रवेशसमय
सूर्यकन्यासिंह से
मंगलवृश्चिकतुला से
शुक्रसिंहकर्क से
बुधकन्यासिंह से

अक्टूबर 2076

ग्रहप्रवेशसमय
शनिधनुवृश्चिक से
बुधतुलाकन्या से
गुरुतुलाकन्या से
सूर्यतुलाकन्या से
शुक्रकन्यासिंह से
मंगलधनुवृश्चिक से

नवंबर 2076

ग्रहप्रवेशसमय
बुधवृश्चिकतुला से
शुक्रतुलाकन्या से
सूर्यवृश्चिकतुला से
बुधधनुवृश्चिक से

दिसंबर 2076

ग्रहप्रवेशसमय
शुक्रवृश्चिकतुला से
मंगलमकरधनु से
बुधवृश्चिकधनु से · वक्री
सूर्यधनुवृश्चिक से
शुक्रधनुवृश्चिक से

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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