त्योहार कैलेंडर
अहोई अष्टमी 2026: तिथि और पूजन
अहोई अष्टमी 2026 में रविवार, 1 नवंबर 2026 को है।
तिथि
रविवार, 1 नवंबर 2026
तिथि (पंचांग)
कार्तिक कृष्ण अष्टमी, सूर्यास्त के समय अष्टमी
अहोई अष्टमी के बारे में
अहोई अष्टमी पर माताएँ अपनी संतान के कल्याण के लिए सूर्योदय से उपवास रखती हैं और अहोई माता का पूजन करती हैं। परंपरा से तारे देखकर व्रत खोला जाता है, और कुछ परिवारों में चंद्रोदय के बाद। तिथि इस पर निर्भर है कि संध्या में अष्टमी हो।
अहोई अष्टमी कैसे मनाया जाता है
- सूर्योदय से व्रत रखें और अहोई माता का चित्र बनाएँ या लगाएँ।
- संध्या को अहोई की कथा सुनें और पूजा करें।
- तारे देखकर व्रत खोलें, या परिवार की परंपरा हो तो चंद्रोदय पर।
2026 के और त्योहार
तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं, प्रकाशित पंचांगों से जाँची गई हैं। जब तिथि दो दिन तक रहती है या कोई क्षेत्र अलग नियम मानता है तो त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। अपने शहर के सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अहोई अष्टमी 2026 में कब है?
अहोई अष्टमी 2026 में रविवार, 1 नवंबर 2026 को है। तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं।
अहोई अष्टमी किस तिथि को मनाया जाता है?
अहोई अष्टमी कार्तिक कृष्ण अष्टमी, सूर्यास्त के समय अष्टमी को मनाया जाता है। यह उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के अनुसार है।
अहोई अष्टमी का क्या महत्व है?
अहोई अष्टमी पर माताएँ अपनी संतान के कल्याण के लिए सूर्योदय से उपवास रखती हैं और अहोई माता का पूजन करती हैं। परंपरा से तारे देखकर व्रत खोला जाता है, और कुछ परिवारों में चंद्रोदय के बाद। तिथि इस पर निर्भर है कि संध्या में अष्टमी हो।
क्या मेरे शहर में अहोई अष्टमी की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। जब तिथि दो दिनों तक रहती है या किसी क्षेत्र में अलग नियम माना जाता है, तब त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। पूजा के सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
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