त्योहार कैलेंडर
महाशिवरात्रि 2026: तिथि और पूजन
महाशिवरात्रि 2026 में रविवार, 15 फ़रवरी 2026 को है।
तिथि
रविवार, 15 फ़रवरी 2026
तिथि (पंचांग)
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (अमांत पंचांग में माघ), मध्यरात्रि में
महाशिवरात्रि के बारे में
महाशिवरात्रि भगवान शिव की महान रात्रि है। भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और चार प्रहर में शिव का पूजन करते हैं, शिवलिंग का अभिषेक और ॐ नमः शिवाय का जप करते हुए।
महाशिवरात्रि कैसे मनाया जाता है
- दिन भर उपवास रखें और रात में जागरण करें।
- शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल चढ़ाएँ।
- ॐ नमः शिवाय का जप करें और शिव स्तोत्र पढ़ें।
पढ़ने योग्य स्तोत्र
- शिव ताण्डव स्तोत्रम्रावण द्वारा रचित सत्रह श्लोकीय शिव स्तोत्र, जो महादेव के ताण्डव नृत्य का वर्णन करता है। शक्ति, भक्ति और सामान्य ग्रह शांति के लिए वैदिक ज्योतिष में प्रसिद्ध।
- रुद्राष्टकम्गोस्वामी तुलसीदास के आठ श्लोक — निर्गुण ब्रह्म से गंगाधर नीलकण्ठ तक शिव की स्तुति। सोमवार, श्रावण और महाशिवरात्रि को शांति, कृपा और जन्म-दुःख मोक्ष हेतु पाठ।
- शिव लिङ्गाष्टकम्शिव लिंग की आठ श्लोकीय स्तुति — ब्रह्मा, विष्णु और सभी ऋषियों द्वारा पूजित। सोमवार और महाशिवरात्रि को जन्म-दुःख, अहंकार और पाप नाश हेतु पाठ।
- शिव चालीसाशिव चालीसा भगवान शिव की स्तुति में रचित 40 छंदों का पाठ है। सोमवार और महाशिवरात्रि पर इसका पाठ शांति, विघ्ननिवारण और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए किया जाता है।
2026 के और त्योहार
तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं, प्रकाशित पंचांगों से जाँची गई हैं। जब तिथि दो दिन तक रहती है या कोई क्षेत्र अलग नियम मानता है तो त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। अपने शहर के सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाशिवरात्रि 2026 में कब है?
महाशिवरात्रि 2026 में रविवार, 15 फ़रवरी 2026 को है। तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं।
महाशिवरात्रि किस तिथि को मनाया जाता है?
महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (अमांत पंचांग में माघ), मध्यरात्रि में को मनाया जाता है। यह उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के अनुसार है।
महाशिवरात्रि का क्या महत्व है?
महाशिवरात्रि भगवान शिव की महान रात्रि है। भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और चार प्रहर में शिव का पूजन करते हैं, शिवलिंग का अभिषेक और ॐ नमः शिवाय का जप करते हुए।
क्या मेरे शहर में महाशिवरात्रि की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। जब तिथि दो दिनों तक रहती है या किसी क्षेत्र में अलग नियम माना जाता है, तब त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। पूजा के सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
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