त्योहार कैलेंडर
कृष्ण जन्माष्टमी 2026: तिथि और पूजन
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को है।
तिथि
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
तिथि (पंचांग)
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, मध्यरात्रि में
कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में
जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है। भक्त मध्यरात्रि तक उपवास रखते हैं, भजन गाते हैं, झूले सजाते हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में दही हांडी फोड़ी जाती है।
कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाया जाता है
- मध्यरात्रि तक उपवास रखें और जन्म के समय कृष्ण का पूजन करें।
- बाल कृष्ण को स्नान कराकर वस्त्र पहनाएँ और सजे झूले में विराजमान करें।
- भजन गाएँ और विष्णु सहस्रनाम पढ़ें।
पढ़ने योग्य स्तोत्र
2026 के और त्योहार
तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं, प्रकाशित पंचांगों से जाँची गई हैं। जब तिथि दो दिन तक रहती है या कोई क्षेत्र अलग नियम मानता है तो त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। अपने शहर के सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 में कब है?
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को है। तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी किस तिथि को मनाया जाता है?
कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, मध्यरात्रि में को मनाया जाता है। यह उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के अनुसार है।
कृष्ण जन्माष्टमी का क्या महत्व है?
जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है। भक्त मध्यरात्रि तक उपवास रखते हैं, भजन गाते हैं, झूले सजाते हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में दही हांडी फोड़ी जाती है।
क्या मेरे शहर में कृष्ण जन्माष्टमी की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। जब तिथि दो दिनों तक रहती है या किसी क्षेत्र में अलग नियम माना जाता है, तब त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। पूजा के सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
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