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दशहरा (विजयादशमी) 2026: तिथि और पूजन
दशहरा (विजयादशमी) 2026 में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है।
तिथि
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
तिथि (पंचांग)
आश्विन शुक्ल दशमी, अपराह्न में
दशहरा (विजयादशमी) के बारे में
दशहरा, या विजयादशमी, राम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है। शाम को रावण के पुतले जलाए जाते हैं, और शमी तथा शस्त्रों का पूजन होता है।
दशहरा (विजयादशमी) कैसे मनाया जाता है
- अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार दशमी के अपराह्न काल में पूजन करें।
- शमी वृक्ष और अपने औज़ारों या शस्त्रों का पूजन (शस्त्र पूजा) करें।
- शाम को रावण दहन देखें या आयोजित करें।
पढ़ने योग्य स्तोत्र
- राम रक्षा स्तोत्रबुधकौशिक का अड़तीस श्लोकीय राम रक्षा स्तोत्र, शिव के स्वप्न में प्रदत्त। दिव्य रक्षा, अभय और आध्यात्मिक पुण्य के लिए शक्तिशाली कवच स्तोत्र।
- श्री हनुमान चालीसाहनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित ४० चौपाइयों का एक अत्यंत प्रभावशाली पाठ है। प्रतिदिन इसका पाठ करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, बल और बुद्धि प्राप्त होती है, और शनि तथा मंगल के अशुभ प्रभावों से रक्षा होती है।
- महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम्आदि शंकराचार्य का एकविंश श्लोकीय दुर्गा स्तोत्र (ऐ गिरि नन्दिनि)। नवरात्रि में राहु शांति, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और दिव्य साहस के लिए पढ़ा जाता है।
2026 के और त्योहार
तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं, प्रकाशित पंचांगों से जाँची गई हैं। जब तिथि दो दिन तक रहती है या कोई क्षेत्र अलग नियम मानता है तो त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। अपने शहर के सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दशहरा 2026 में कब है?
दशहरा 2026 में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है। तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं।
दशहरा किस तिथि को मनाया जाता है?
दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी, अपराह्न में को मनाया जाता है। यह उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के अनुसार है।
दशहरा का क्या महत्व है?
दशहरा, या विजयादशमी, राम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है। शाम को रावण के पुतले जलाए जाते हैं, और शमी तथा शस्त्रों का पूजन होता है।
क्या मेरे शहर में दशहरा की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। जब तिथि दो दिनों तक रहती है या किसी क्षेत्र में अलग नियम माना जाता है, तब त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। पूजा के सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
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