वार्षिक गोचर कैलेंडर
मंगल गोचर 1967 | गोचर तिथियाँ
1967 में मंगल के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।
1967 में मंगल 7 बार राशि बदलता है, लगभग हर 52 दिन में। वर्ष की शुरुआत कन्या में और अंत कुंभ में होता है।
सटीक समय नीचे की तालिका में है।
New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात
| प्रवेश | समय |
|---|---|
| तुलाकन्या से | |
| कन्यातुला से · वक्री | |
| तुलाकन्या से | |
| वृश्चिकतुला से | |
| धनुवृश्चिक से | |
| मकरधनु से | |
| कुंभमकर से |
1967 में मंगल का गोचर: मुख्य बातें
- 1967 में मंगल कुल 7 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश रविवार, 22 जनवरी 1967 को कन्या से तुला में है, और अंतिम सोमवार, 1 जनवरी 1968 को कुंभ में।
- इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव तुला राशि में लगभग 86 दिन का है।
- सबसे छोटा पूरा ठहराव मकर में लगभग 39 दिन का है।
- 1 प्रवेश वक्री गति में होता है, यानी ग्रह पिछली राशि में लौटता है।
1967 में मंगल: राशि-दर-राशि अवधि
| राशि | से | तक | दिन |
|---|---|---|---|
| कन्या | 1 जनवरी (पिछले वर्ष से) | रविवार, 22 जनवरी 1967 | 22 |
| तुला | रविवार, 22 जनवरी 1967 | बुधवार, 19 अप्रैल 1967 | 86 |
| कन्या (वक्री) | बुधवार, 19 अप्रैल 1967 | मंगलवार, 4 जुलाई 1967 | 76 |
| तुला | मंगलवार, 4 जुलाई 1967 | गुरुवार, 31 अगस्त 1967 | 57 |
| वृश्चिक | गुरुवार, 31 अगस्त 1967 | शनिवार, 14 अक्टूबर 1967 | 44 |
| धनु | शनिवार, 14 अक्टूबर 1967 | गुरुवार, 23 नवंबर 1967 | 40 |
| मकर | गुरुवार, 23 नवंबर 1967 | सोमवार, 1 जनवरी 1968 | 39 |
| कुंभ | सोमवार, 1 जनवरी 1968 | वर्ष के बाद भी जारी | 0 |
दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।
मंगल गोचर कैसे पढ़ें
मंगल लगभग 45 से 60 दिन एक राशि में रहता है और राशिचक्र का चक्कर लगभग 22 महीने में पूरा करता है। लगभग हर दो वर्ष में आने वाली वक्री अवधि में उसका एक राशि में ठहराव लंबा हो जाता है।
मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि-संपत्ति, भाई-बहन और संघर्ष का कारक है। उसके गोचर से उत्साह, विवाद, भूमि संबंधी विषय और शारीरिक सामर्थ्य देखे जाते हैं।
मंगल को चंद्र से तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में परंपरा से सबसे सहायक और अन्य भावों में अधिक कठिन माना जाता है। देखें कि उसकी राशि आपके किस भाव में पड़ती है।
मंगल गोचर 1967 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।
ग्रह गोचर FAQ
वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।
वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?
गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।
क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?
भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।
राहु-केतु मीन या सत्य पात?
हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।
ये समय कितने सटीक हैं?
प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।