वार्षिक गोचर कैलेंडर

मंगल गोचर 2071 | गोचर तिथियाँ

2071 में मंगल के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

2071 में मंगल 8 बार राशि बदलता है, लगभग हर 46 दिन में। वर्ष की शुरुआत धनु में और अंत मिथुन में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
मिथुनकर्क से · वक्री

2071 में मंगल का गोचर: मुख्य बातें

  • 2071 में मंगल कुल 8 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश सोमवार, 9 फ़रवरी 2071 को धनु से मकर में है, और अंतिम गुरुवार, 31 दिसंबर 2071 को मिथुन में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव मिथुन राशि में लगभग 60 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव मकर में लगभग 39 दिन का है।
  • 1 प्रवेश वक्री गति में होता है, यानी ग्रह पिछली राशि में लौटता है।

2071 में मंगल: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
धनु1 जनवरी (पिछले वर्ष से)सोमवार, 9 फ़रवरी 207139
मकरसोमवार, 9 फ़रवरी 2071शुक्रवार, 20 मार्च 207139
कुंभशुक्रवार, 20 मार्च 2071मंगलवार, 28 अप्रैल 207139
मीनमंगलवार, 28 अप्रैल 2071शनिवार, 6 जून 207139
मेषशनिवार, 6 जून 2071शनिवार, 18 जुलाई 207141
वृषभशनिवार, 18 जुलाई 2071मंगलवार, 1 सितंबर 207146
मिथुनमंगलवार, 1 सितंबर 2071शनिवार, 31 अक्टूबर 207160
कर्कशनिवार, 31 अक्टूबर 2071गुरुवार, 31 दिसंबर 207160
मिथुन (वक्री)गुरुवार, 31 दिसंबर 2071वर्ष के बाद भी जारी1

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

मंगल गोचर कैसे पढ़ें

मंगल लगभग 45 से 60 दिन एक राशि में रहता है और राशिचक्र का चक्कर लगभग 22 महीने में पूरा करता है। लगभग हर दो वर्ष में आने वाली वक्री अवधि में उसका एक राशि में ठहराव लंबा हो जाता है।

मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि-संपत्ति, भाई-बहन और संघर्ष का कारक है। उसके गोचर से उत्साह, विवाद, भूमि संबंधी विषय और शारीरिक सामर्थ्य देखे जाते हैं।

मंगल को चंद्र से तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में परंपरा से सबसे सहायक और अन्य भावों में अधिक कठिन माना जाता है। देखें कि उसकी राशि आपके किस भाव में पड़ती है।

मंगल गोचर 2071 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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