वार्षिक गोचर कैलेंडर

बुध गोचर 1906 | गोचर तिथियाँ

1906 में बुध के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

1906 में बुध 14 बार राशि बदलता है, लगभग हर 26 दिन में। वर्ष की शुरुआत वृश्चिक में और अंत वृश्चिक में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
धनुवृश्चिक से
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कर्कसिंह से · वक्री
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से

1906 में बुध का गोचर: मुख्य बातें

  • 1906 में बुध कुल 14 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश शनिवार, 6 जनवरी 1906 को वृश्चिक से धनु में है, और अंतिम शनिवार, 27 अक्टूबर 1906 को वृश्चिक में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव मीन राशि में लगभग 67 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव वृषभ में लगभग 14 दिन का है।
  • 1 प्रवेश वक्री गति में होता है, यानी ग्रह पिछली राशि में लौटता है।

1906 में बुध: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
वृश्चिक1 जनवरी (पिछले वर्ष से)शनिवार, 6 जनवरी 19066
धनुशनिवार, 6 जनवरी 1906रविवार, 28 जनवरी 190622
मकररविवार, 28 जनवरी 1906शुक्रवार, 16 फ़रवरी 190618
कुंभशुक्रवार, 16 फ़रवरी 1906रविवार, 4 मार्च 190616
मीनरविवार, 4 मार्च 1906बुधवार, 9 मई 190667
मेषबुधवार, 9 मई 1906सोमवार, 28 मई 190619
वृषभसोमवार, 28 मई 1906सोमवार, 11 जून 190614
मिथुनसोमवार, 11 जून 1906मंगलवार, 26 जून 190615
कर्कमंगलवार, 26 जून 1906शुक्रवार, 20 जुलाई 190624
सिंहशुक्रवार, 20 जुलाई 1906बुधवार, 8 अगस्त 190619
कर्क (वक्री)बुधवार, 8 अगस्त 1906सोमवार, 3 सितंबर 190626
सिंहसोमवार, 3 सितंबर 1906गुरुवार, 20 सितंबर 190617
कन्यागुरुवार, 20 सितंबर 1906रविवार, 7 अक्टूबर 190617
तुलारविवार, 7 अक्टूबर 1906शनिवार, 27 अक्टूबर 190620
वृश्चिकशनिवार, 27 अक्टूबर 1906वर्ष के बाद भी जारी66

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

बुध गोचर कैसे पढ़ें

बुध सूर्य से कभी दूर नहीं जाता और एक राशि में लगभग 14 से 30 दिन रहता है, वर्ष में तीन-चार बार वक्री होने पर यह अवधि बढ़ जाती है। वह अभी छोड़ी हुई राशि में दोबारा लौट भी सकता है।

बुध वाणी, बुद्धि, व्यापार, लेखन और यात्रा का कारक है। उसके गोचर से संवाद, अनुबंध, अध्ययन और व्यापार का विचार किया जाता है।

वक्री चिह्नित तिथियों पर विशेष ध्यान दें। बुध के वक्री रहते कई ज्योतिषी बड़े अनुबंध करने या नया कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह देते हैं।

बुध गोचर 1906 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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