वार्षिक गोचर कैलेंडर

बुध गोचर 1912 | गोचर तिथियाँ

1912 में बुध के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

1912 में बुध 15 बार राशि बदलता है, लगभग हर 24 दिन में। वर्ष की शुरुआत धनु में और अंत वृश्चिक में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
मीनमेष से · वक्री
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से
वृश्चिकधनु से · वक्री

1912 में बुध का गोचर: मुख्य बातें

  • 1912 में बुध कुल 15 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश शुक्रवार, 2 फ़रवरी 1912 को धनु से मकर में है, और अंतिम बुधवार, 4 दिसंबर 1912 को वृश्चिक में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव सिंह राशि में लगभग 67 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव धनु में लगभग 10 दिन का है।
  • 2 प्रवेश वक्री गति में होते हैं, यानी ग्रह पिछली राशि में लौटता है।

1912 में बुध: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
धनु1 जनवरी (पिछले वर्ष से)शुक्रवार, 2 फ़रवरी 191232
मकरशुक्रवार, 2 फ़रवरी 1912बुधवार, 21 फ़रवरी 191219
कुंभबुधवार, 21 फ़रवरी 1912शुक्रवार, 8 मार्च 191216
मीनशुक्रवार, 8 मार्च 1912सोमवार, 25 मार्च 191217
मेषसोमवार, 25 मार्च 1912शुक्रवार, 19 अप्रैल 191225
मीन (वक्री)शुक्रवार, 19 अप्रैल 1912गुरुवार, 9 मई 191220
मेषगुरुवार, 9 मई 1912शनिवार, 1 जून 191223
वृषभशनिवार, 1 जून 1912रविवार, 16 जून 191215
मिथुनरविवार, 16 जून 1912रविवार, 30 जून 191214
कर्करविवार, 30 जून 1912शुक्रवार, 19 जुलाई 191219
सिंहशुक्रवार, 19 जुलाई 1912मंगलवार, 24 सितंबर 191267
कन्यामंगलवार, 24 सितंबर 1912शुक्रवार, 11 अक्टूबर 191217
तुलाशुक्रवार, 11 अक्टूबर 1912बुधवार, 30 अक्टूबर 191219
वृश्चिकबुधवार, 30 अक्टूबर 1912रविवार, 24 नवंबर 191224
धनुरविवार, 24 नवंबर 1912बुधवार, 4 दिसंबर 191210
वृश्चिक (वक्री)बुधवार, 4 दिसंबर 1912वर्ष के बाद भी जारी28

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

बुध गोचर कैसे पढ़ें

बुध सूर्य से कभी दूर नहीं जाता और एक राशि में लगभग 14 से 30 दिन रहता है, वर्ष में तीन-चार बार वक्री होने पर यह अवधि बढ़ जाती है। वह अभी छोड़ी हुई राशि में दोबारा लौट भी सकता है।

बुध वाणी, बुद्धि, व्यापार, लेखन और यात्रा का कारक है। उसके गोचर से संवाद, अनुबंध, अध्ययन और व्यापार का विचार किया जाता है।

वक्री चिह्नित तिथियों पर विशेष ध्यान दें। बुध के वक्री रहते कई ज्योतिषी बड़े अनुबंध करने या नया कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह देते हैं।

बुध गोचर 1912 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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