वार्षिक गोचर कैलेंडर

बुध गोचर 1943 | गोचर तिथियाँ

1943 में बुध के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

1943 में बुध 12 बार राशि बदलता है, लगभग हर 30 दिन में। वर्ष की शुरुआत मकर में और अंत मकर में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से
मकरधनु से

1943 में बुध का गोचर: मुख्य बातें

  • 1943 में बुध कुल 12 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश शनिवार, 6 मार्च 1943 को मकर से कुंभ में है, और अंतिम रविवार, 26 दिसंबर 1943 को मकर में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव वृषभ राशि में लगभग 69 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव मीन में लगभग 15 दिन का है।

1943 में बुध: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
मकर1 जनवरी (पिछले वर्ष से)शनिवार, 6 मार्च 194365
कुंभशनिवार, 6 मार्च 1943गुरुवार, 25 मार्च 194318
मीनगुरुवार, 25 मार्च 1943शुक्रवार, 9 अप्रैल 194315
मेषशुक्रवार, 9 अप्रैल 1943रविवार, 25 अप्रैल 194316
वृषभरविवार, 25 अप्रैल 1943शुक्रवार, 2 जुलाई 194369
मिथुनशुक्रवार, 2 जुलाई 1943शनिवार, 17 जुलाई 194315
कर्कशनिवार, 17 जुलाई 1943रविवार, 1 अगस्त 194315
सिंहरविवार, 1 अगस्त 1943शनिवार, 21 अगस्त 194320
कन्याशनिवार, 21 अगस्त 1943बुधवार, 27 अक्टूबर 194367
तुलाबुधवार, 27 अक्टूबर 1943रविवार, 14 नवंबर 194318
वृश्चिकरविवार, 14 नवंबर 1943शुक्रवार, 3 दिसंबर 194319
धनुशुक्रवार, 3 दिसंबर 1943रविवार, 26 दिसंबर 194323
मकररविवार, 26 दिसंबर 1943वर्ष के बाद भी जारी6

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

बुध गोचर कैसे पढ़ें

बुध सूर्य से कभी दूर नहीं जाता और एक राशि में लगभग 14 से 30 दिन रहता है, वर्ष में तीन-चार बार वक्री होने पर यह अवधि बढ़ जाती है। वह अभी छोड़ी हुई राशि में दोबारा लौट भी सकता है।

बुध वाणी, बुद्धि, व्यापार, लेखन और यात्रा का कारक है। उसके गोचर से संवाद, अनुबंध, अध्ययन और व्यापार का विचार किया जाता है।

वक्री चिह्नित तिथियों पर विशेष ध्यान दें। बुध के वक्री रहते कई ज्योतिषी बड़े अनुबंध करने या नया कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह देते हैं।

बुध गोचर 1943 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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