वार्षिक गोचर कैलेंडर

बुध गोचर 1957 | गोचर तिथियाँ

1957 में बुध के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

1957 में बुध 15 बार राशि बदलता है, लगभग हर 24 दिन में। वर्ष की शुरुआत मकर में और अंत धनु में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
धनुमकर से · वक्री
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
सिंहकन्या से · वक्री
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से

1957 में बुध का गोचर: मुख्य बातें

  • 1957 में बुध कुल 15 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश मंगलवार, 8 जनवरी 1957 को मकर से धनु में है, और अंतिम बुधवार, 27 नवंबर 1957 को धनु में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव मेष राशि में लगभग 67 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव कन्या में लगभग 13 दिन का है।
  • 2 प्रवेश वक्री गति में होते हैं, यानी ग्रह पिछली राशि में लौटता है।

1957 में बुध: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
मकर1 जनवरी (पिछले वर्ष से)मंगलवार, 8 जनवरी 19577
धनु (वक्री)मंगलवार, 8 जनवरी 1957गुरुवार, 7 फ़रवरी 195730
मकरगुरुवार, 7 फ़रवरी 1957गुरुवार, 28 फ़रवरी 195721
कुंभगुरुवार, 28 फ़रवरी 1957रविवार, 17 मार्च 195717
मीनरविवार, 17 मार्च 1957सोमवार, 1 अप्रैल 195715
मेषसोमवार, 1 अप्रैल 1957शुक्रवार, 7 जून 195767
वृषभशुक्रवार, 7 जून 1957मंगलवार, 25 जून 195718
मिथुनमंगलवार, 25 जून 1957मंगलवार, 9 जुलाई 195714
कर्कमंगलवार, 9 जुलाई 1957गुरुवार, 25 जुलाई 195716
सिंहगुरुवार, 25 जुलाई 1957मंगलवार, 20 अगस्त 195726
कन्यामंगलवार, 20 अगस्त 1957सोमवार, 2 सितंबर 195713
सिंह (वक्री)सोमवार, 2 सितंबर 1957बुधवार, 2 अक्टूबर 195730
कन्याबुधवार, 2 अक्टूबर 1957रविवार, 20 अक्टूबर 195718
तुलारविवार, 20 अक्टूबर 1957गुरुवार, 7 नवंबर 195719
वृश्चिकगुरुवार, 7 नवंबर 1957बुधवार, 27 नवंबर 195720
धनुबुधवार, 27 नवंबर 1957वर्ष के बाद भी जारी35

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

बुध गोचर कैसे पढ़ें

बुध सूर्य से कभी दूर नहीं जाता और एक राशि में लगभग 14 से 30 दिन रहता है, वर्ष में तीन-चार बार वक्री होने पर यह अवधि बढ़ जाती है। वह अभी छोड़ी हुई राशि में दोबारा लौट भी सकता है।

बुध वाणी, बुद्धि, व्यापार, लेखन और यात्रा का कारक है। उसके गोचर से संवाद, अनुबंध, अध्ययन और व्यापार का विचार किया जाता है।

वक्री चिह्नित तिथियों पर विशेष ध्यान दें। बुध के वक्री रहते कई ज्योतिषी बड़े अनुबंध करने या नया कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह देते हैं।

बुध गोचर 1957 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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