वार्षिक गोचर कैलेंडर

बुध गोचर 2049 | गोचर तिथियाँ

2049 में बुध के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

2049 में बुध 15 बार राशि बदलता है, लगभग हर 24 दिन में। वर्ष की शुरुआत मकर में और अंत धनु में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
धनुमकर से · वक्री
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
सिंहकन्या से · वक्री
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से

2049 में बुध का गोचर: मुख्य बातें

  • 2049 में बुध कुल 15 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश रविवार, 10 जनवरी 2049 को मकर से धनु में है, और अंतिम रविवार, 28 नवंबर 2049 को धनु में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव मेष राशि में लगभग 67 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव मिथुन में लगभग 14 दिन का है।
  • 2 प्रवेश वक्री गति में होते हैं, यानी ग्रह पिछली राशि में लौटता है।

2049 में बुध: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
मकर1 जनवरी (पिछले वर्ष से)रविवार, 10 जनवरी 20499
धनु (वक्री)रविवार, 10 जनवरी 2049सोमवार, 8 फ़रवरी 204929
मकरसोमवार, 8 फ़रवरी 2049सोमवार, 1 मार्च 204921
कुंभसोमवार, 1 मार्च 2049गुरुवार, 18 मार्च 204917
मीनगुरुवार, 18 मार्च 2049शुक्रवार, 2 अप्रैल 204915
मेषशुक्रवार, 2 अप्रैल 2049मंगलवार, 8 जून 204967
वृषभमंगलवार, 8 जून 2049शनिवार, 26 जून 204918
मिथुनशनिवार, 26 जून 2049शनिवार, 10 जुलाई 204914
कर्कशनिवार, 10 जुलाई 2049सोमवार, 26 जुलाई 204916
सिंहसोमवार, 26 जुलाई 2049शुक्रवार, 20 अगस्त 204925
कन्याशुक्रवार, 20 अगस्त 2049रविवार, 5 सितंबर 204916
सिंह (वक्री)रविवार, 5 सितंबर 2049रविवार, 3 अक्टूबर 204928
कन्यारविवार, 3 अक्टूबर 2049गुरुवार, 21 अक्टूबर 204918
तुलागुरुवार, 21 अक्टूबर 2049सोमवार, 8 नवंबर 204918
वृश्चिकसोमवार, 8 नवंबर 2049रविवार, 28 नवंबर 204920
धनुरविवार, 28 नवंबर 2049वर्ष के बाद भी जारी34

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

बुध गोचर कैसे पढ़ें

बुध सूर्य से कभी दूर नहीं जाता और एक राशि में लगभग 14 से 30 दिन रहता है, वर्ष में तीन-चार बार वक्री होने पर यह अवधि बढ़ जाती है। वह अभी छोड़ी हुई राशि में दोबारा लौट भी सकता है।

बुध वाणी, बुद्धि, व्यापार, लेखन और यात्रा का कारक है। उसके गोचर से संवाद, अनुबंध, अध्ययन और व्यापार का विचार किया जाता है।

वक्री चिह्नित तिथियों पर विशेष ध्यान दें। बुध के वक्री रहते कई ज्योतिषी बड़े अनुबंध करने या नया कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह देते हैं।

बुध गोचर 2049 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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