वार्षिक गोचर कैलेंडर

बुध गोचर 2054 | गोचर तिथियाँ

2054 में बुध के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

2054 में बुध 15 बार राशि बदलता है, लगभग हर 24 दिन में। वर्ष की शुरुआत धनु में और अंत मकर में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
मकरधनु से
कुंभमकर से
मकरकुंभ से · वक्री
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से
मकरधनु से

2054 में बुध का गोचर: मुख्य बातें

  • 2054 में बुध कुल 15 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश रविवार, 4 जनवरी 2054 को धनु से मकर में है, और अंतिम मंगलवार, 29 दिसंबर 2054 को मकर में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव वृषभ राशि में लगभग 68 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव कुंभ में लगभग 4 दिन का है।
  • 1 प्रवेश वक्री गति में होता है, यानी ग्रह पिछली राशि में लौटता है।

2054 में बुध: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
धनु1 जनवरी (पिछले वर्ष से)रविवार, 4 जनवरी 20543
मकररविवार, 4 जनवरी 2054मंगलवार, 27 जनवरी 205423
कुंभमंगलवार, 27 जनवरी 2054शनिवार, 31 जनवरी 20544
मकर (वक्री)शनिवार, 31 जनवरी 2054बुधवार, 11 मार्च 205439
कुंभबुधवार, 11 मार्च 2054मंगलवार, 31 मार्च 205420
मीनमंगलवार, 31 मार्च 2054गुरुवार, 16 अप्रैल 205416
मेषगुरुवार, 16 अप्रैल 2054गुरुवार, 30 अप्रैल 205414
वृषभगुरुवार, 30 अप्रैल 2054मंगलवार, 7 जुलाई 205468
मिथुनमंगलवार, 7 जुलाई 2054शुक्रवार, 24 जुलाई 205417
कर्कशुक्रवार, 24 जुलाई 2054शनिवार, 8 अगस्त 205415
सिंहशनिवार, 8 अगस्त 2054बुधवार, 26 अगस्त 205418
कन्याबुधवार, 26 अगस्त 2054सोमवार, 2 नवंबर 205468
तुलासोमवार, 2 नवंबर 2054शुक्रवार, 20 नवंबर 205419
वृश्चिकशुक्रवार, 20 नवंबर 2054बुधवार, 9 दिसंबर 205419
धनुबुधवार, 9 दिसंबर 2054मंगलवार, 29 दिसंबर 205419
मकरमंगलवार, 29 दिसंबर 2054वर्ष के बाद भी जारी3

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

बुध गोचर कैसे पढ़ें

बुध सूर्य से कभी दूर नहीं जाता और एक राशि में लगभग 14 से 30 दिन रहता है, वर्ष में तीन-चार बार वक्री होने पर यह अवधि बढ़ जाती है। वह अभी छोड़ी हुई राशि में दोबारा लौट भी सकता है।

बुध वाणी, बुद्धि, व्यापार, लेखन और यात्रा का कारक है। उसके गोचर से संवाद, अनुबंध, अध्ययन और व्यापार का विचार किया जाता है।

वक्री चिह्नित तिथियों पर विशेष ध्यान दें। बुध के वक्री रहते कई ज्योतिषी बड़े अनुबंध करने या नया कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह देते हैं।

बुध गोचर 2054 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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