वार्षिक गोचर कैलेंडर

सूर्य गोचर 1949 | गोचर तिथियाँ

1949 में सूर्य के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

1949 में सूर्य 12 बार राशि बदलता है, लगभग हर 30 दिन में। वर्ष की शुरुआत धनु में और अंत धनु में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से

1949 में सूर्य का गोचर: मुख्य बातें

  • 1949 में सूर्य कुल 12 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश गुरुवार, 13 जनवरी 1949 को धनु से मकर में है, और अंतिम गुरुवार, 15 दिसंबर 1949 को धनु में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव मेष राशि में लगभग 31 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव मकर में लगभग 30 दिन का है।

1949 में सूर्य: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
धनु1 जनवरी (पिछले वर्ष से)गुरुवार, 13 जनवरी 194913
मकरगुरुवार, 13 जनवरी 1949शनिवार, 12 फ़रवरी 194930
कुंभशनिवार, 12 फ़रवरी 1949सोमवार, 14 मार्च 194930
मीनसोमवार, 14 मार्च 1949बुधवार, 13 अप्रैल 194930
मेषबुधवार, 13 अप्रैल 1949शनिवार, 14 मई 194931
वृषभशनिवार, 14 मई 1949मंगलवार, 14 जून 194931
मिथुनमंगलवार, 14 जून 1949शनिवार, 16 जुलाई 194931
कर्कशनिवार, 16 जुलाई 1949मंगलवार, 16 अगस्त 194931
सिंहमंगलवार, 16 अगस्त 1949शुक्रवार, 16 सितंबर 194931
कन्याशुक्रवार, 16 सितंबर 1949सोमवार, 17 अक्टूबर 194930
तुलासोमवार, 17 अक्टूबर 1949बुधवार, 16 नवंबर 194930
वृश्चिकबुधवार, 16 नवंबर 1949गुरुवार, 15 दिसंबर 194930
धनुगुरुवार, 15 दिसंबर 1949वर्ष के बाद भी जारी17

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

सूर्य गोचर कैसे पढ़ें

सूर्य लगभग हर 30 दिन में राशि बदलता है, इसलिए एक वर्ष में सभी बारह राशियों से गुज़रता है। हर प्रवेश एक संक्रांति है, जैसे मकर राशि में प्रवेश पर मकर संक्रांति।

वैदिक ज्योतिष में सूर्य आत्मा, अधिकार, जीवन-शक्ति, पिता और सरकार का कारक है। उसकी राशि उस महीने के आत्मविश्वास और मान-सम्मान के विषयों को रंग देती है।

सूर्य जिस राशि में प्रवेश करे उसे अपनी चंद्र राशि और लग्न से देखें। आपकी कुंडली में वह जिस भाव से गुज़रता है, उसी क्षेत्र पर उस माह का ज़ोर रहता है।

सूर्य गोचर 1949 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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