वार्षिक गोचर कैलेंडर

शुक्र गोचर 1950 | गोचर तिथियाँ

1950 में शुक्र के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

1950 में शुक्र 11 बार राशि बदलता है, लगभग हर 33 दिन में। वर्ष की शुरुआत मकर में और अंत धनु में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से

1950 में शुक्र का गोचर: मुख्य बातें

  • 1950 में शुक्र कुल 11 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश गुरुवार, 30 मार्च 1950 को मकर से कुंभ में है, और अंतिम शनिवार, 9 दिसंबर 1950 को धनु में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव मकर राशि में लगभग 88 दिन का है (जो पिछले वर्ष से चल रहा है)।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव सिंह में लगभग 24 दिन का है।

1950 में शुक्र: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
मकर1 जनवरी (पिछले वर्ष से)गुरुवार, 30 मार्च 195088
कुंभगुरुवार, 30 मार्च 1950शनिवार, 29 अप्रैल 195030
मीनशनिवार, 29 अप्रैल 1950शुक्रवार, 26 मई 195027
मेषशुक्रवार, 26 मई 1950बुधवार, 21 जून 195026
वृषभबुधवार, 21 जून 1950सोमवार, 17 जुलाई 195025
मिथुनसोमवार, 17 जुलाई 1950शुक्रवार, 11 अगस्त 195025
कर्कशुक्रवार, 11 अगस्त 1950सोमवार, 4 सितंबर 195025
सिंहसोमवार, 4 सितंबर 1950गुरुवार, 28 सितंबर 195024
कन्यागुरुवार, 28 सितंबर 1950सोमवार, 23 अक्टूबर 195024
तुलासोमवार, 23 अक्टूबर 1950बुधवार, 15 नवंबर 195024
वृश्चिकबुधवार, 15 नवंबर 1950शनिवार, 9 दिसंबर 195024
धनुशनिवार, 9 दिसंबर 1950वर्ष के बाद भी जारी22

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

शुक्र गोचर कैसे पढ़ें

शुक्र एक राशि में लगभग 23 से 30 दिन रहता है और राशिचक्र का चक्कर लगभग एक वर्ष में पूरा करता है। लगभग हर 19 महीने में उसका वक्री काल और सूर्य के निकट अस्त होना अलग से देखा जाता है।

शुक्र प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, सुख-सुविधा और वाहन का कारक है। उसके गोचर से संबंध, विलासिता से जुड़ा धन और रचनात्मक कार्य देखे जाते हैं।

शुक्र चंद्र से पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे, पाँचवें, आठवें, नवें, ग्यारहवें और बारहवें भाव में सामान्यतः संबंध और धन के लिए अनुकूल माना जाता है, इसलिए नीचे की अधिकांश राशियों में कुछ सहयोग मिलता है।

शुक्र गोचर 1950 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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