वार्षिक गोचर कैलेंडर

शुक्र गोचर 2098 | गोचर तिथियाँ

2098 में शुक्र के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

2098 में शुक्र 10 बार राशि बदलता है, लगभग हर 37 दिन में। वर्ष की शुरुआत धनु में और अंत तुला में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से

2098 में शुक्र का गोचर: मुख्य बातें

  • 2098 में शुक्र कुल 10 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश गुरुवार, 9 जनवरी 2098 को धनु से मकर में है, और अंतिम बुधवार, 3 दिसंबर 2098 को तुला में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव कन्या राशि में लगभग 124 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव मकर में लगभग 24 दिन का है।

2098 में शुक्र: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
धनु1 जनवरी (पिछले वर्ष से)गुरुवार, 9 जनवरी 20988
मकरगुरुवार, 9 जनवरी 2098रविवार, 2 फ़रवरी 209824
कुंभरविवार, 2 फ़रवरी 2098बुधवार, 26 फ़रवरी 209824
मीनबुधवार, 26 फ़रवरी 2098शनिवार, 22 मार्च 209824
मेषशनिवार, 22 मार्च 2098मंगलवार, 15 अप्रैल 209825
वृषभमंगलवार, 15 अप्रैल 2098शनिवार, 10 मई 209825
मिथुनशनिवार, 10 मई 2098गुरुवार, 5 जून 209826
कर्कगुरुवार, 5 जून 2098बुधवार, 2 जुलाई 209827
सिंहबुधवार, 2 जुलाई 2098शुक्रवार, 1 अगस्त 209830
कन्याशुक्रवार, 1 अगस्त 2098बुधवार, 3 दिसंबर 2098124
तुलाबुधवार, 3 दिसंबर 2098वर्ष के बाद भी जारी29

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

शुक्र गोचर कैसे पढ़ें

शुक्र एक राशि में लगभग 23 से 30 दिन रहता है और राशिचक्र का चक्कर लगभग एक वर्ष में पूरा करता है। लगभग हर 19 महीने में उसका वक्री काल और सूर्य के निकट अस्त होना अलग से देखा जाता है।

शुक्र प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, सुख-सुविधा और वाहन का कारक है। उसके गोचर से संबंध, विलासिता से जुड़ा धन और रचनात्मक कार्य देखे जाते हैं।

शुक्र चंद्र से पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे, पाँचवें, आठवें, नवें, ग्यारहवें और बारहवें भाव में सामान्यतः संबंध और धन के लिए अनुकूल माना जाता है, इसलिए नीचे की अधिकांश राशियों में कुछ सहयोग मिलता है।

शुक्र गोचर 2098 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

अंक ज्योतिष रिपोर्ट

सिर्फ़ अपनी जन्म तिथि से जानिए अपने जीवन के अगले 30 वर्ष।

धन, विवाह और करियर के आपके सबसे अच्छे वर्ष। कदम उठाने के सही महीने। 10 सेकंड में निःशुल्क शुरू करें, सब कुछ अनलॉक करें केवल ₹299 में।

देखें रिपोर्ट में क्या है
जन्म तिथि
  • साइन-अप नहीं
  • 10 सेकंड में निःशुल्क
  • हिंदी और English