वार्षिक गोचर कैलेंडर

शुक्र गोचर 1901 | गोचर तिथियाँ

1901 में शुक्र के सटीक राशि प्रवेश और निकास समय। अध्ययन और योजना के लिए लाहिरी सायन गोचर।

1901 में शुक्र 15 बार राशि बदलता है, लगभग हर 24 दिन में। वर्ष की शुरुआत वृश्चिक में और अंत कुंभ में होता है।

सटीक समय नीचे की तालिका में है।

New Delhi · अयनांश (लाहिरी) · राहु/केतु: सत्य चंद्र पात

प्रवेशसमय
धनुवृश्चिक से
मकरधनु से
कुंभमकर से
मीनकुंभ से
मेषमीन से
वृषभमेष से
मिथुनवृषभ से
कर्कमिथुन से
सिंहकर्क से
कन्यासिंह से
तुलाकन्या से
वृश्चिकतुला से
धनुवृश्चिक से
मकरधनु से
कुंभमकर से

1901 में शुक्र का गोचर: मुख्य बातें

  • 1901 में शुक्र कुल 15 बार राशि बदलता है। पहला प्रवेश गुरुवार, 10 जनवरी 1901 को वृश्चिक से धनु में है, और अंतिम सोमवार, 30 दिसंबर 1901 को कुंभ में।
  • इस वर्ष सबसे लंबा ठहराव मकर राशि में लगभग 32 दिन का है।
  • सबसे छोटा पूरा ठहराव धनु में लगभग 24 दिन का है।

1901 में शुक्र: राशि-दर-राशि अवधि

राशिसेतकदिन
वृश्चिक1 जनवरी (पिछले वर्ष से)गुरुवार, 10 जनवरी 19019
धनुगुरुवार, 10 जनवरी 1901रविवार, 3 फ़रवरी 190124
मकररविवार, 3 फ़रवरी 1901बुधवार, 27 फ़रवरी 190124
कुंभबुधवार, 27 फ़रवरी 1901शनिवार, 23 मार्च 190124
मीनशनिवार, 23 मार्च 1901बुधवार, 17 अप्रैल 190124
मेषबुधवार, 17 अप्रैल 1901शनिवार, 11 मई 190124
वृषभशनिवार, 11 मई 1901मंगलवार, 4 जून 190124
मिथुनमंगलवार, 4 जून 1901शनिवार, 29 जून 190124
कर्कशनिवार, 29 जून 1901मंगलवार, 23 जुलाई 190125
सिंहमंगलवार, 23 जुलाई 1901शनिवार, 17 अगस्त 190125
कन्याशनिवार, 17 अगस्त 1901बुधवार, 11 सितंबर 190125
तुलाबुधवार, 11 सितंबर 1901रविवार, 6 अक्टूबर 190125
वृश्चिकरविवार, 6 अक्टूबर 1901शुक्रवार, 1 नवंबर 190126
धनुशुक्रवार, 1 नवंबर 1901गुरुवार, 28 नवंबर 190127
मकरगुरुवार, 28 नवंबर 1901सोमवार, 30 दिसंबर 190132
कुंभसोमवार, 30 दिसंबर 1901वर्ष के बाद भी जारी1

दिनों की गिनती कैलेंडर वर्ष के भीतर की है। वर्ष की सीमा पर चल रहे ठहराव पूरे वर्ष से लंबे हो सकते हैं।

शुक्र गोचर कैसे पढ़ें

शुक्र एक राशि में लगभग 23 से 30 दिन रहता है और राशिचक्र का चक्कर लगभग एक वर्ष में पूरा करता है। लगभग हर 19 महीने में उसका वक्री काल और सूर्य के निकट अस्त होना अलग से देखा जाता है।

शुक्र प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, सुख-सुविधा और वाहन का कारक है। उसके गोचर से संबंध, विलासिता से जुड़ा धन और रचनात्मक कार्य देखे जाते हैं।

शुक्र चंद्र से पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे, पाँचवें, आठवें, नवें, ग्यारहवें और बारहवें भाव में सामान्यतः संबंध और धन के लिए अनुकूल माना जाता है, इसलिए नीचे की अधिकांश राशियों में कुछ सहयोग मिलता है।

शुक्र गोचर 1901 की ये तिथियाँ लाहिरी अयनांश और सत्य चंद्र पात से गणना हैं। दशा-गोचर व्याख्या के लिए व्यक्तिगत परामर्श लें।

ग्रह गोचर FAQ

वैदिक गोचर समय कैसे गणना होते हैं और इस तालिका को कैसे पढ़ें।

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर क्या है?

गोचर नवग्रह की सायन राशि चक्र में वर्तमान गति है। जब ग्रह नई राशि में प्रवेश करता है, वह स्थानीय तिथि-समय ही गोचर (प्रवेश) समय कहलाता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

सभी स्थितियाँ लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से हैं — वही प्रणाली जो दैनिक पंचांग में है — ताकि सूर्य और चंद्र राशि सभी टूल्स में एक जैसी रहें।

क्या शहर से ग्रह स्थिति बदलती है?

भूकेंद्रीय सायन रेखांश किसी UTC क्षण पर दुनिया भर में समान होते हैं। शहर केवल उस क्षण को स्थानीय घड़ी समय में बदलता है।

राहु-केतु मीन या सत्य पात?

हम राहु-केतु के लिए सत्य चंद्र पात उपयोग करते हैं। केतु सदैव राहु के विपरीत (180°) रहता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

प्रवेश समय आधुनिक खगोलीय मॉडल से लगभग एक सेकंड तक परिष्कृत हैं। बाहरी ग्रह आमतौर पर प्रमुख पंचांगों से मिनटों में मेल खाते हैं; चंद्र और पात सॉफ्टवेयर के बीच थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

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